ग्राम पंचायत सिसेंडी में बीमारी और परीक्षा छूटने के तनाव में पंद्रह वर्षीय छात्र ने लगाई फांसी,परिवार में मचा कोहराम……
✍️रामेंद्र प्रताप सिंह
मोहनलालगंज/लखनऊ। राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के सिसेंडी गांव में बुधवार को एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई, जहां बीमारी और मानसिक तनाव से जूझ रहे एक 15 वर्षीय छात्र ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिसेंडी गांव निवासी पन्द्रह वर्षीय नितिन का बेटा नैतिक पिछले कुछ समय से पेट दर्द की गंभीर समस्या से पीड़ित था। लगातार खराब स्वास्थ्य के चलते वह अपनी पढ़ाई भी नियमित रूप से नहीं कर पा रहा था। यही नहीं, बीमारी के कारण वह कक्षा 8 की परीक्षा भी नहीं दे सका, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान और तनावग्रस्त रहने लगा था।मिली जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह नैतिक घर की छत पर बने कमरे में गया। काफी देर तक जब वह नीचे नहीं आया तो परिजनों को चिंता हुई। परिजनों ने जब उसकी तलाश शुरू की और कमरे में पहुंचे, तो वहां का दृश्य देख उनके होश उड़ गए। नैतिक पंखे के हुक से चादर का फंदा बनाकर लटका हुआ था। यह देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए।घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद मोहनलालगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। इंस्पेक्टर बृजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। परिजनों द्वारा पोस्टमार्टम कराने से इनकार किए जाने के चलते पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पंचायतनामा भरकर शव को परिवार के सुपुर्द कर दिया।इस दर्दनाक घटना ने न केवल एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कम उम्र के बच्चों में बढ़ता मानसिक दबाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं कितनी गंभीर रूप ले सकती हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे मामलों में बच्चों की काउंसलिंग और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।



