
नितेश तिवारी की ‘रामायणम्’ और राम बने रणबीर कपूर की तुलना रामानंद सागर के सीरियल ‘रामायण’ और उसमें राम बने अरुण गोविल से हो रही है। इसे रामानंद सागर के बेटे मोती सागर ने गलत बताया और कहा कि टीजर के आधार पर फिल्म जज करना जल्दबाजी और रणबीर बेहतरीन एक्टर हैं, उनमें गहराई है।नितेश तिवारी की ‘रामायणम्’ का टीजर जब से रिलीज हुआ है, तब से लगातार सुर्खियों में है। इसमें भगवान राम के किरदार में रणबीर कपूर को मिक्स रिस्पॉन्स मिला है। बहुत से लोगों ने जहां रणबीर की राम के अवतार में तारीफ की है, तो आलोचना करने वाले भी कम नहीं हैं। इसके अलावा VFX और AI के इस्तेमाल को लेकर भी यूजर्स के बीच चर्चा हो रही है। बहुत से लोगों ने तो ‘रामायणम्’ की तुलना रामानंद सागर के सीरियल ‘रामायण’ से और रणबीर कपूर की तुलना अरुण गोविल से कर डाली, जिन्होंने उस सीरियल में राम का किरदार निभाया था। अब इस बीच रामानंद सागर के बेटे मोती सागर ने रिएक्ट किया है। उन्होंने पिता रामानंद सागर के साथ टीवी सीरियल ‘रामायण’ को डायरेक्ट किया था। मोती सागर ने रणबीर कपूर का पक्ष लिया, और कहा कि केवल टीजर के आधार पर फिल्म को जज करना जल्दबाजी होगी।यही नहीं, मोती सागर ने ‘रामायणम्’ में रणबीर कपूर को भगवान राम के रूप में चुने जाने पर भरोसा जताया। यह किरदार रामानंद सागर की ‘रामायण’ में अरुण गोविल ने निभाया था, जो 1987 में आई थी। अब वह ‘रामायणम्’ में राजा दशरथ के किरदार में हैं।मोती सागर ने ‘पीटीआई’ से बातचीत में कहा, ‘मुझे ‘रामायणम्’ से बहुत उम्मीदें हैं क्योंकि रणबीर आज के समय के बेस्ट एक्टर्स में से एक हैं। जहां तक एक्टिंग की बात है, भावनाओं को सही ढंग से व्यक्त करने की बात है, तो वह एक बेहतरीन एक्टर हैं और उनमें बहुत गहराई है। लेकिन इस टीजर से कुछ भी अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।’मोती सागर ने फिर ‘रामायणम्’ की टीवी सीरियल ‘रामायण’ से तुलना किए जाने पर रिएक्ट किया। उन्होंने कहा कि फॉरमेट और ड्यूरेशन के अंतर को देखते हुए इस तरह की तुलना करना सही नहीं है। वह बोले, ‘लोग अकसर इस बात को नजरअंदाज कर देते हैं कि हमारी ‘रामायण’ में 30-40 मिनट के 78 एपिसोड थे, जबकि फिल्म सिर्फ तीन से चार घंटे की होगी। इसलिए, कई अंतर होंगे, जैसे कि हम एक शो में कई बारीकियों पर बात कर सकते हैं।’



