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उत्तर-पश्चिम में बारिश-बर्फबारी, पारा गिरा; मौसम विभाग ने कहा- पूरे सप्ताह बदला रहेगा मौसम का मिजाज

उत्तर-पश्चिम में बारिश-बर्फबारी, पारा गिरा; मौसम विभाग ने कहा- पूरे सप्ताह बदला रहेगा मौसम का मिजाज

देशभर में पिछले कई दिनों से मौसम की उथल-पुथल देखने के मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और पंजाब और हरियाणा से लेकर राजस्थान होते हुए अरब सागर के ऊपर निचले क्षोभमंडल में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम में मौसम के मिजाज में बदलाव आया है।दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के अधिकतर हिस्सों में सोमवार को छिटपुट बारिश हुई, 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। वहीं, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फबारी हुई। पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश हुई है और कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। बदले मौसम से आम लोगों को गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन किसानों और बागवानों की चिंताएं बढ़ गईं। इस पूरे सप्ताह उत्तर-पश्चिम भारत में छिटपुट बारिश होने और तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ताजा बुलेटिन के अनुसार, सोमवार को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान में गरज और चमक के साथ बारिश हुई और तेज हवाएं चलीं। त्रिपुरा और केरल में छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश (7-11 सेमी) दर्ज की गई। हरियाणा, पश्चिमी मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र में छिटपुट स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। वहीं, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, त्रिपुरा, ओडिशा, उत्तराखंड, कोंकण, महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, गुजरात क्षेत्र में छिटपुट स्थानों पर बारिश दर्ज की गई।आईएमडी के अनुसार, दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से, उत्तर-पश्चिम भारत में इस सप्ताह वर्षा जारी रहने की संभावना है। 4 अप्रैल को भारी वर्षा हो सकती है। कश्मीर घाटी में छिटपुट भारी वर्षा के साथ हिमपात होने की भी संभावना है। 31 मार्च को मध्य और पूर्वी भारत में और उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत में छिटपुट ओलावृष्टि की संभावना है। 31 मार्च से 1 अप्रैल के दौरान पूर्वोत्तर और उससे सटे पूर्वी भारत में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ छिटपुट से लेकर व्यापक वर्षा की संभावना है। दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ छिटपुट वर्षा जारी रह सकती है। उत्तर प्रदेश को छोड़कर उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है।

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