
लोकसभा में किसानों की आय को लेकर सरकार और विपक्ष में तीखी बहस हुई। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया कि किसानों की आय दोगुनी हुई है, जबकि विपक्ष ने इसे गलत बताया। सरकार की तरफ से एमएसपी, सब्सिडी और योजनाओं का हवाला दिया गया।लोकसभा में मंगलवार को किसानों की आय को लेकर गर्म बहस हुई, जिसने संसद का माहौल पूरी तरह हिला दिया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि सरकार के प्रयासों से किसानों की आय दोगुनी हो गई है और कई क्षेत्रों में यह तीन से चार गुना तक बढ़ी है। प्रश्नकाल के दौरान मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने खेती के क्षेत्र में कई कदम उठाए हैं।इसमें फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देना, उर्वरक (खाद) पर सब्सिडी देना और उत्पादन बढ़ाने के लिए नई योजनाएं लागू करना शामिल है। उनका कहना था कि इन सभी प्रयासों का सीधा फायदा किसानों को मिला है। चौहान के इस बयान के बाद विपक्ष ने इसका जोरदार विरोध किया और कहा कि किसानों की हालत अभी भी चुनौतियों भरी है और सरकार अपने वादों को पूरा नहीं कर पाई है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस बयान पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद सौगत रॉय ने कड़ा विरोध जताते हुए तीखे सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का वादा पूरा नहीं कर पाई है। दूसरी ओर वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी इस मुद्दे पर लगातार सवाल पूछे।
इसके साथ ही सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल ने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि सरकार सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में इस क्षेत्र के विकास के लिए 5 लाख करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। सरकार के जवाब और विपक्ष के विरोध के बीच सदन में थोड़ी बहस की स्थिति बन गई, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने सांसदों से शांत रहने और छोटे सवाल व संक्षिप्त जवाब देने की अपील की।




