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गर्मी को लेकर आ गया मौसम विभाग का बड़ा अपडेट, मई-जून में चलेगी लू

गर्मी को लेकर आ गया मौसम विभाग का बड़ा अपडेट, मई-जून में चलेगी लू

मौसम विभाग ने अप्रैल से जून के बीच मौसम को लेकर अहम अपडेट दिया है। आईएमडी के मुताबिक, लू के दिनों की संख्या ज्यादा रहेगी। दिन के मुकाबले रातें ज्यादा ही गर्म रहेंगी। बारिश को लेकर आईएमडी ने क्या कहा, जानें बड़ी बातें।अप्रैल का महीना आ चुका है। इसी के साथ मौसम का मिजाज बदलने लगा है। गर्मी का दौर तेज होने के आसार हैं। ऐसे में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने भीषण गर्मी और लू को लेकर भविष्यवाणी की है। IMD के मुताबिक, भारत के कई हिस्सों में इस बार अप्रैल से जून के बीच गर्मी टेंशन बढ़ाने जा रही। दिन का अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रहने की संभावना है। हालांकि, रातें सामान्य से ज्यादा गर्म रहेंगी। साथ ही, मौसम विभाग ने पूर्वी, पूर्वोत्तर और तटीय प्रायद्वीपीय भारत में नॉर्मल से ज्यादा लू चलने का अनुमान जताया है। ये टाइमिंग 2 से 8 दिन ज्यादा हो सकते हैं।IMD के प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि अप्रैल से जून के दौरान राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब समेत 16 राज्यों में सामान्य से ज्यादा लू चल सकती है। इनमें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तटीय तमिलनाडु और उत्तरी कर्नाटक भी शामिल हैं। इन राज्यों में भीषण गर्मी के साथ-साथ लू के थपेड़े ज्यादा दिनों तक चलने के आसार हैं। दिल्ली-NCR में भी भीषण गर्मी और लू वाले दिन इस साल ज्यादा रहेंगे।वहीं बारिश को लेकर मौसम विभाग ने अहम अपडेट दिया है। आईएमडी के मुताबिक, उत्तर-पश्चिमी भारत सहित कई हिस्सों में अप्रैल महीने में सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है। देश के जिन हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है, वहां रातें सामान्य से ज्यादा गर्म रहने की संभावना है। मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि हालांकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग प्रमुख ने इस समय मॉनसूनी मौसम के बारे में कुछ भी कहने से परहेज किया।वहीं मॉनसून मिशन क्लाइमेट फोरकास्ट सिस्टम (MMCFS) के ताजा पूर्वानुमान से पता चलता है कि अप्रैल से जून के दौरान अल नीनो-साउदर्न ऑस्किलेशन (ENSO) की स्थितियां तटस्थ रहेंगी। IMD ने कहा कि उसके बाद, अल नीनो की स्थितियां बनने की संभावना धीरे-धीरे बढ़ जाती है। यह इस बात का संकेत है कि बारिश पर इसका बुरा असर मॉनसून के मौसम के बाद वाले हिस्से, यानी अगस्त-सितंबर में पड़ सकता है।

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