
सीएम योगी आदित्यनाथ लोकभवन में डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में चयनित 665 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिया। शारिमा सिद्दीकी का बयान चर्चा में हैउत्तर प्रदेश में लगातार नियुक्ति प्रक्रियाओं का दौर चल रहा है। रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में चयनित 665 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किया। इस दौरान सीएम योगी ने नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारियों से अपने अनुभव साझा किए। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में सबकुछ सहज गति से चल रहा है। जनता के किसी भी कार्य में कोई बाधा नहीं है। उन्होंने लोगों से अफवाह से बचकर देश की लीडरशिप की ओर से दिए जा रहे मार्गदर्शन का पालन करने की बात कही। इस मौके पर नर्सिंग अफसर शारिमा सिद्दीकी ने सीएम योगी की जमकर तारीफ की। अब इस कार्यक्रम का वीडियो खूब वायरल हो रहा है।नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारी शारिमा सिद्दीकी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी, आपके स्तर पर पारदर्शिता अपनाने का नतीजा ये है कि मेरे जैसे मेहनत करने वाले लोगों को आज रोजगार मिल पाया। मैं पहले आर्मी में थी। वहां से वीआरएस लेकर मैंने यूपी में आने का सोचा, लेकिन पहले मैं डरती थी। यूपी के नाम से घबराती थी। यूपी में जबसे आप आए हैं, इसके बाद से मेरे अंदर भी हिम्मत आई।शारिमा सिद्दीकी ने कहा कि मैंने आर्मी से रिटायरमेंट के बाद कभी भी उत्तर प्रदेश में आकर बसने की योजना नहीं बनाई थी। पहले मेरे मन में प्रदेश को लेकर एक गलत धारणा थी। लेकिन, योगी जी के नेतृत्व में हम तरक्की कर रहे हैं। मैं वास्तव में योगी जी की बड़ी प्रशंसक हूं।कार्यक्रम के दौरान नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर अन्य नर्सिंग अफसरों ने योगी सरकार की सराहना की। मोहनलालगंज की प्रियंका सिंह ने कहा कि मेहनत को सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी परीक्षा के कारण ही मुझे पहला रैंक हासिल करने का गर्व मिला। उन्होंने बताया कि सरकार ने सकारात्मक बदलाव कर परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष बनाया गया। भावुक प्रियंका ने इस मौके पर अपने परिवार और बड़े भाई के सहयोग को याद किया।मैनपुरी की अनामिका यादव ने नियुक्ति पत्र हासिल करने के बाद परीक्षा केंद्र की स्थिति को याद किया। उन्होंने कहा कि वहां की सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी थी। इस कारण बिना किसी प्रकार की गड़बड़ी के परीक्षा का संचालन संभव हुआ। हमलोगों ने वहां की व्यवस्था को देखकर ही अंदाजा लगाया था कि गड़बड़ी की कोई आशंका नहीं है। मेरी सफलता योगी सरकार की ईमानदारी और मेरिट आधारित चयन का उदाहरण है।




