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‘हमारे पड़ोस में भीषण युद्ध चल रहा है’, पीएम मोदी की मन की बात का 132वां एपिसोड शुरू

'हमारे पड़ोस में भीषण युद्ध चल रहा है', पीएम मोदी की मन की बात का 132वां एपिसोड शुरू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह 11 बजे आकाशवाणी पर प्रसारित होने वाले मन की बात कार्यक्रम के जरिए देश और विदेश के लोगों से अपने विचार साझा कर रहे है। यह कार्यक्रम का 132वां एपिसोड है और वर्ष 2026 का तीसरा प्रसारण होगा। हर महीने की तरह इस बार भी लोगों को प्रधानमंत्री के संबोधन का इंतजार है। मन की बात देश के लोगों से सीधा संवाद का मंच माना जाता है।पीएम मोदी ने आगे कहा जिस क्षेत्र में अभी युद्ध चल रहा है, वह क्षेत्र हमारी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा केंद्र है। इसकी वजह से दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल को लेकर संकट की स्थिति बनती जा रही है। हमारे वैश्विक संबंध, अलग-अलग देशों से मिल रहा सहयोग और पिछले एक दशक में देश का जो सामर्थ्य बना है, इनकी वजह से भारत इन परिस्थितियों का डटकर मुकाबला कर रहा है। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर यह चुनौतीपूर्ण समय है। मैं आज ‘मन की बात’ के माध्यम से सभी देशवासियों से फिर यह आग्रह करूंगा कि हमें एकजुट होकर इस चुनौती से बाहर निकलना है। जो लोग इस विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं, उन्हें राजनीति नहीं करनी चाहिए। यह देश के 140 करोड़ देशवासियों के हित से जुड़ा विषय है, इसमें स्वार्थ भरी राजनीति का कोई स्थान नहीं है। ऐसे में जो भी लोग अफवाह फैला रहे हैं, वे देश का बहुत बड़ा नुकसान कर रहे हैं।पीएम ने कहा “मैं सभी देशवासियों से अपील भी करूंगा कि वो जागरूक रहें, अफवाहों के बहकावे में ना आएं। सरकार की तरफ से जो आपको निरंतर जानकारी दी जा रही है, उस पर भरोसा करें और उसी पर विश्वास करके कोई कदम उठाएं। मुझे हर बार की तरह इस बार भी विश्वास है कि जैसे हमने देश के 140 करोड़ देशवासियों के सामर्थ्य से पुराने संकटों को हराया था, इस बार भी हम सब मिलकर के इस कठिन हालत से बहुत ही अच्छी तरह बाहर निकल जाएंगे।पीएम मोदी ने कहा वर्तमान में हमारे पड़ोस में एक माह से भीषण युद्ध चल रहा है | हमारे लाखों परिवारों के सगे-संबंधी इन देशों में रहते हैं, खासतौर पर खाड़ी देशों में काम करते हैं। मैं खाड़ी देश का बहुत आभारी हूँ, वे ऐसे एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों को वहाँ पर हर प्रकार की मदद दे रहे हैंपीएम मोदी ने मन की बात शुरू करते हुए कहा ‘मार्च का ये महीना, वैश्विक स्तर पर बहुत ही हलचल भरा रहा है ।

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