
उत्तर प्रदेश में आज का दिन महान विभूतियों की याद और उनके विचारों को आत्मसात करने का दिन रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को आज के भारत के लिए प्रासंगिक बताया।
सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में लिखा कि डॉ. लोहिया एक महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर समाजवादी चिंतक और ‘सप्त क्रांति’ के प्रणेता थे। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय, समता और राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रति उनका समर्पण आज भी देश को प्रेरित करता है।
1910 में जन्मे डॉ. राम मनोहर लोहिया ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। वे महात्मा गांधी के विचारों से गहराई से प्रभावित थे और उन्होंने अहिंसा और सामाजिक समानता के सिद्धांतों को आगे बढ़ाया। आज़ादी के बाद भी उन्होंने समाज में असमानता, जातिवाद और आर्थिक विषमता के खिलाफ आवाज उठाई।
लोहिया ने ‘सप्त क्रांति’ का सिद्धांत दिया, जिसमें सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक बदलाव के जरिए एक न्यायपूर्ण समाज की परिकल्पना की गई। उन्होंने विशेष रूप से पिछड़े और वंचित वर्गों को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया। यही वजह है कि आज भी उनके विचार भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
इसी अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘शहीद दिवस’ के मौके पर देश के अमर क्रांतिकारियों भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को भी नमन किया।
उन्होंने कहा कि इन महान क्रांतिकारियों का बलिदान भारत के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। “इंकलाब की ज्योति प्रज्वलित करने वाले इन वीर सपूतों का त्याग देशवासियों को हमेशा राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा,” उन्होंने अपने संदेश में कहा।
23 मार्च को मनाया जाने वाला शहीद दिवस देश के उन वीरों की याद दिलाता है जिन्होंने हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लड़ाई में अपने अदम्य साहस और देशभक्ति का परिचय दिया।




