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ईरान-अमेरिका जंग में ‘पॉज बटन’ के बीच भारत ने क्यों साधा खाड़ी देशों से संपर्क,

ईरान-अमेरिका जंग में 'पॉज बटन' के बीच भारत ने क्यों साधा खाड़ी देशों से संपर्क,

मोदी सरकार के तीन ‘धुरंधर’ एक्टिव, इनसाइड स्टोरी

ईरान-अमेरिका सीजफायर के बीच पीएम मोदी के तीन ‘धुरंधर’ एक्टिव हो गए हैं। भारत खाड़ी देशों के साथ अपने संबंधों को फिर से मजबूत करना चाहता है। इसी क्रम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर शनिवार को UAE के दौरे पर जा रहे हैं। वहीं पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी कतर दौरे पर हैं। जानें अपडेट।ईरान और अमेरिका के बीच 28 फरवरी से शुरू हुई जंग में फिलहाल पॉज बटन लग चुका है। अमेरिका ने दो हफ्ते के लिए युद्धविराम का ऐलान किया है। जैसे ही ये खबर आई तो लगा कि मध्य एशिया में अब तनाव कम हो सकता है और क्षेत्र में शांति के आसार हैं। हालांकि, ऐसा हुआ नहीं, लेबनान पर इजरायल ने हमले शुरू कर दिए, जिससे सीजफायर के मजबूती से आगे बढ़ने को लेकर आशंकाएं उठने लगी। पाकिस्तान में शांति वार्ता पर चर्चा में शामिल होने से ईरान ने इनकार कर दिया। हालांकि, ईरान-अमेरिका में युद्ध विराम पर फैसले के बाद भारत सरकार और भी एक्शन मोड पर आ गई। दिल्ली ने खाड़ी देशों से संपर्क बढ़ाया है। मोदी सरकार के तीन धुरंधर अमेरिका, कुवैत और यूएई को फोकस करने पर जुट गए।ईरान और अमेरिका में सीजफायर के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर जल्द ही यूएई का दौरा करने वाले हैं। अभी वो मॉरिशस के दौरे पर हैं। जयशंकर शनिवार को UAE पहुंचेंगे। उनका मकसद भारत के इस अहम खाड़ी सहयोगी देश के साथ अपनी ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ को और गहरा करना है। ये दोनों ही देश भारत के लिए ऊर्जा के बहुत बड़े सप्लायर हैं। UAE भारत को कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) देने वाला चौथा सबसे बड़ा देश है। वहीं LNG और LPG के मामले में यह दूसरा सबसे बड़ा सप्लायर है।
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी कतर पहुंचे हैं। दो दिवसीय दौरे पर दोहा पहुंचे पुरी का वहां भव्य स्वागत किया गया। कतर भारत को लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) देने वाला सबसे बड़ा देश है, जहां से भारत अपनी कुल LNG जरूरत का 40 फीसदी से भी ज्यादा हिस्सा आयात करता है।भारत ने LNG आपूर्ति के लिए ‘QatarEnergy’ के साथ कई बड़े और लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट्स किए हुए हैं। इनमें ‘गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन’ के साथ 17 साल का एक समझौता शामिल है, जिसके तहत 2026 से हर साल 10 लाख टन (1 मिलियन टन) LNG की आपूर्ति की जाएगी। इसके अलावा, ‘Petronet LNG’ के साथ भी 20 साल के लिए एक समझौता बढ़ाया गया है, जिसके तहत 2028 से 2048 तक हर साल 75 लाख टन (7.5 MTPA) LNG की आपूर्ति होगी।

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