‘महिलाओं से PM मोदी को मांगनी चाहिए माफी’, महिला आरक्षण विधेयक लागू करने में देरी पर बोले जयराम रमेश
'महिलाओं से PM मोदी को मांगनी चाहिए माफी', महिला आरक्षण विधेयक लागू करने में देरी पर बोले जयराम रमेश

यह आरोप ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि महिला आरक्षण अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन केवल एक विधायी अभ्यास नहीं, बल्कि करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। उन्होंने सभी सांसदों से इस महत्वपूर्ण कदम का समर्थन करने का आग्रह किया था। प्रधानमंत्री ने अपनी वेबसाइट पर लिखे एक लेख में कहा था कि समाज तब प्रगति करता है जब महिलाएं प्रगति करती हैं।कांग्रेस ने महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023) के कार्यान्वयन में कथित देरी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि सरकार ने इस महत्वपूर्ण कानून को लागू करने में यू-टर्न लिया है, जो उनकी विफलता और विदेश नीति में गंभीर झटकों को छिपाने का प्रयास है। जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, ”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया में लेख लिखना शुरू कर दिया है, ताकि वे खुद को 2029 से लोकसभा और विधानसभा में महिला आरक्षण का अकेला चैंपियन बता सकें।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को भारत की महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए।कांग्रेस सांसद ने कहा, ”जब 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया गया था, तब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इसकी मांग की थी कि इसे 2024 से ही लागू किया जाए। लेकिन यह प्रधानमंत्री को स्वीकार नहीं था, जिन्होंने आरक्षण को परिसीमन और जनगणना की प्रक्रियाओं पर निर्भर बना दिया- जिन्हें वे स्वयं समय पर करवा नहीं पाए और वर्षों तक टालते रहे। उन्होंने कहा, ”30 महीने बाद, विधानसभा चुनावों में संभावित हार का सामना करते हुए-और यह सब उस स्थिति में जब चुनाव आयोग संघ गृह मंत्रालय के एक अधीनस्थ कार्यालय की तरह काम कर रहा है-प्रधानमंत्री ने अपना मन बदल लिया है। अब वे चाहते हैं कि हम जनगणना को भूल जाएं और जनगणना आधारित परिसीमन को भी यह कहकर नजरअंदाज कर दें कि इसमें बहुत समय लगेगा कांग्रेस नेता ने लिखा, ”यह तब कहा जा रहा है, जबकि उनके ही जनगणना आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि इसके परिणाम 2027 तक आ जाएंगे। यह एक ऐसा नैरेटिव है जो झूठ और टालमटोल पर आधारित है, और यह सब इस उम्मीद में किया गया है कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की महिलाएं भाजपा की ओर जाएंगी। आखिरकार, इन राज्यों में भाजपा के पास किसी अन्य मुद्दे पर कोई ठोस नैरेटिव नहीं है



