
राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच एक बार फिर सियासत गरमा गई है। प्रमोद तिवारी ने असदुद्दीन ओवैसी और उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पर तीखा हमला बोला है।
दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रमोद तिवारी ने कहा कि अगर बिहार में भाजपा को बढ़त मिली है, तो उसके पीछे AIMIM की बड़ी भूमिका है। उन्होंने आरोप लगाया कि ओवैसी की पार्टी चुनावों में आकर विपक्षी वोटों का बंटवारा करती है, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिलता है।
प्रमोद तिवारी ने अपने बयान में कहा, “आप चुनाव में आते हैं, बड़े-बड़े बयान देते हैं, लेकिन अंत में वही काम करते हैं जिससे भाजपा को लाभ हो।” उन्होंने यहां तक कहा कि ओवैसी “भाजपा के बिछड़े हुए जुड़वां भाई” की तरह व्यवहार कर रहे हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश AIMIM अध्यक्ष हाजी शौकत अली के बयान को लेकर पहले से ही विवाद बना हुआ है। ऐसे में कांग्रेस की ओर से यह हमला सियासी माहौल को और गरमा सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि देश के कई राज्यों में AIMIM की मौजूदगी ने चुनावी समीकरणों को प्रभावित किया है, खासकर उन सीटों पर जहां मुकाबला कड़ा होता है। विपक्षी दल अक्सर आरोप लगाते रहे हैं कि AIMIM की एंट्री से सेक्युलर वोट बंट जाते हैं।
हालांकि, AIMIM इन आरोपों को सिरे से खारिज करती रही है और खुद को स्वतंत्र राजनीतिक ताकत बताती है, जो अपने एजेंडे और मुद्दों के आधार पर चुनाव लड़ती है।
अब देखना यह होगा कि इस बयानबाज़ी का आने वाले चुनावों पर क्या असर पड़ता है और क्या विपक्षी एकता पर इसका कोई प्रभाव पड़ता है।




