दिल्ली में ‘हरित बजट’ पेश, 21% फंड पर्यावरण के लिए
दिल्ली में ‘हरित बजट’ पेश, 21% फंड पर्यावरण के लिए

राजधानी दिल्ली में बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बड़ा ऐलान करते हुए इस साल के बजट को “हरित बजट” करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बार हर योजना और नीति को पर्यावरण के नजरिए से तैयार किया है, ताकि विकास के साथ-साथ प्रकृति का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रयास किए गए हैं। इस बजट की खास बात यह है कि इसका 21 प्रतिशत हिस्सा सीधे तौर पर पर्यावरण सुधार के लिए आवंटित किया गया है। यानी अब सरकार की प्राथमिकताओं में साफ हवा, हरियाली और सतत विकास को केंद्र में रखा गया है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बजट की हर योजना का पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया गया है। चाहे वह परिवहन हो, इंफ्रास्ट्रक्चर हो या शहरी विकास—हर फैसले में आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को ध्यान में रखा गया है।
सरकार का कहना है कि यह कदम सिर्फ एक नीति नहीं, बल्कि सोच में बदलाव का प्रतीक है। अब विकास का मतलब सिर्फ आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि पर्यावरण के साथ संतुलन बनाकर आगे बढ़ना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस “हरित बजट” को सही तरीके से लागू किया गया, तो इससे दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण, हरित क्षेत्रों के विस्तार और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
हालांकि विपक्ष इस पर नजर बनाए हुए है और यह देखना अहम होगा कि बजट में किए गए वादे जमीन पर कितनी तेजी से उतरते हैं।
फिलहाल, दिल्ली सरकार का यह “हरित बजट” एक नई दिशा की ओर इशारा करता है—जहां विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चलते नजर आ सकते हैं।




