नाग पंचमी के अवसर पर आयोजित हुआ दंगल,तालियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा गांव
✍️आर.एस. तिवारी



मोहनलालगंज/ विगत कई वर्षों की भांति इस वर्ष भी नाग पंचमी के अवसर पर ग्राम पंचायत भदेसुवा के त्रिलोकपुर में एक दिवसीय विराट दंगल का आयोजन किया गया। जिसमें दूरदराज से आए व क्षेत्रीय लोगों ने आल्हा गायन व कुश्ती प्रतियोगिता का आनंद लिया
आयोजन का शुभारंभ प्रधान प्रतिनिधि मोनू यादव द्वारा विधिवत अखाड़ा पूजन कर कराया गया। दंगल में आए लगभग पांच से अधिक जिलों के केसरी पहलवानों ने दंगल की गरिमा बढ़ाई और देखने आई जनता में उत्साह भर दिया।
प्रधान प्रतिनिधि मोनू यादव ने सभी को नागपंचमी पर्व की बधाई देते हुए कहा कि नागपंचमी आध्यात्मिक शक्ति पूजन का भी पर्व है। हर शरीर में आध्यात्मिक शक्ति होती है जिसे सामान्य भाषा में सर्पेंट पॉवर कहा जाता है। आध्यात्मिक शक्ति से ही अष्ट सिद्धि और नवनिधि की प्राप्ति संभव होती है जिसके लिए साधु संत लालायित रहते हैं। नागपंचमी का पर्व कुश्ती दंगल के आयोजनों से शारिरिक और आध्यात्मिक शक्ति के प्रदर्शन का माध्यम बनता है। उन्होंने कहा कि सामान्य दिनों में लोग भले ही सांपों को देखकर डरते हों, लेकिन नागपंचमी पर्व पर दूध लावा चढ़ाकर उनकी पूजा करते हैं। यह पर्व भारतीय परंपरा के अनुसार जीव-जंतुओं के प्रति अनुराग व करुणा का भाव प्रदर्शित करने का भी माध्यम है। कारण, सबके संरक्षण से ही जीव सृष्टि बचेगी।
वहीं इस अवसर पर प्रधान धनुवांसाड कृष्ण शरण उर्फ पदम सिंह ने अपने संबोधन में स्वस्थ शरीर के लिए खेलों की महत्ता का बताते हुए प्राचीन भारतीय संस्कृति का उद्धरण दिया और कहा, ‘शरीर माध्यम खलु धर्म साधनम’। अर्थात धर्म के सभी साधनों की पूर्ति के लिए शरीर ही माध्यम है। धर्म के साधनों की पूर्ति के लिए शरीर का स्वस्थ रहना आवश्यक है। नियमित और संयमित दिनचर्या शरीर की प्रथम पाठशाला है। इसके लिए खेल सर्वोत्तम विकल्प है। खिलाड़ी की आरोग्यता हमेशा उपयोगी बनी रहती है। इसलिए सभी को किसी न किसी खेल से जुड़ना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल को अपनाकर जब कोई युवा प्रोफेशनल तरीके से आगे बढ़ता है तो वह परिवार, समाज, प्रदेश और देश का नाम बढ़ाने में अपना योगदान देता है।
इस अवसर पर क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



