मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जगेसर पासी चैराहा से हड़हवा फाटक होते हुए एचएन सिंह चौक तक बन रही टूलेन/फोरलेन सड़क का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उंन्होने कहा कि बारिश का मौसम शुरू हो चुका है ।इसलिए यह सुनिश्चित करना होगा कि इस मार्ग पर कहीं भी जलजमाव न हो। सड़क निर्माण में जनसुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए और इसकी शुरुआत जलजमाव की संभावित समस्या को दूर करके की जाए।
मुख्यमंत्री सबसे पहले जगेसर पासी चैराहे पर कार्यदायी संस्था द्वारा प्रस्तुत टूलेन/फोरलेन सड़क के ले आउट मॉडल को देखा और सड़क क निर्माण की जानकारी ली। उन्हें बताया गया है इस मार्ग पर 2.14 किमी सड़क टूलेन और शेष फोरलेन है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान सड़क निर्माण के दायरे में आने वाले मकानों-दुकानों के स्वामियों को दिए गए प्रतिकर के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि पर्याप्त प्रतिकर से कोई वंचित नहीं रहना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्देशित किया यह सुनिश्चित करें कि निर्माण के दौरान क्षेत्र में जलजमाव न होने पाए। उसके उपरान्त मुख्यमंत्री इसी मार्ग पर हड़हवा फाटक पुलिस चैकी के रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल में इसका निर्माण पूर्ण करने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने कहा हड़हवा फाटक के आसपास जलजमाव की समस्या को दूर करने के दोनों तरफ नाला बनाया जाए। इसके लिए रेलवे से भी बात की जाए। सड़क निर्माण के कारण तोड़ी गई नगर निगम की दुकानों के बदले नई दुकानें बनाने के निर्देश भी दिए।
इसके उपरान्त उन्होने ओमनगर, बशारतपुर में इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप के सामने भी सड़क के लेआउट प्लान का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि काम में तेजी लाई जाए। उन्होंने जलनिकासी के लिए हेड टू टेल मुकम्मल इंतजाम रहे और कहा कि नाले तथा डक को अच्छे कवर्ड भी किया जाए ताकि फुटपाथ के रूप में उसका प्रयोग किया जा सके। कहा कि सड़क का और मोहल्ले का पानी आसानी से नाले में जा सके, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी तरह के जलभराव की दिक्कत न आने पाए। मुख्यमंत्री जी ने निर्देशित किया कि तय समय सीमा में ही गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य पूर्ण हो जाना चाहिए। इसके उपरान्त मुख्यमंत्री एचएन सिंह चैराहे से पहले मेट्रो हॉस्पिटल के पास रूक कर जल निकासी के बारे में जानकारी ली, बताया गया है जल निकासी के कलवर्ट बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पीडब्ल्यूडी और नगर निगम आपसी सामंजस्य से जलजमाव की समस्या का समाधान सुनिश्चित कराएं। मुख्यमंत्री ने यहां मौजूद कई नागरिकों से भी बातचीत की और कहा कि अब तो आप लोगों की समस्या का समाधान हो जाएगा।
इसके उपरान्त मुख्यमंत्री जी ने पांडेयहाता मे विरासत गलियारा का निरीक्षण करते हुये कहा कि इस गलियारे के निर्माण में जितने भी मकान और दुकान आए हैं, उनका मुआवजा दिया जाए। कोई भी छूटना नहीं चाहिए। उन्होंने निर्माण कार्य के दौरान जनता की सहूलियत के लिए यूटिलिटी डक के आकार का परीक्षण कर लेने के निर्देश दिए।
इसके उपरान्त उन्होने घंटाघर में विरासत गलियारा, मल्टीलेवल पार्किंग और घंटाघर के सुंदरीकरण का लेआउट प्लान देखा। उन्होंने कहा कि विरासत गलियारा के तहत टूटने वाली दुकानों को जगह होने पर पीछे समायोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि कई दुकानो को मल्टीलेवल पार्किंग के कॉम्प्लेक्स में भी समायोजित किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाए कि दुकानदारों का नुकसान न होने पाए। विरासत गलियारा के निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री जी आर्यनगर में सार्वजनिक शौचालय बनाने, पेयजल की व्यवस्था करने और खराब विद्युत पोल हटाने के निर्देश दिए। इसके उपरान्त मुख्यमंत्री जी हजारीपुर पहुंचे निर्माण कार्यो का निरीक्षण किया। उन्होंने कैरेज वे चैड़ा बनाने और पोल शिफ्टिंग के निर्देश दिए। उन्होंने नाले को इस तरह कवर्ड करने के लिए कहा जिससे समय समय पर उसकी सफाई हो सके। निरीक्षण के दौरान महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह सहित प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी के अधिकारी उपस्थित रहे।




