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(वृंदावन) प्रेमानंद महाराज की बनाई गई एआई तस्वीर, भड़के शिष्य ने दर्ज कराई एफआईआर

वृंदावन प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद गोविंद शरण उर्फ प्रेमानंद महाराज जी की एक एआई से बनाई गई फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है, जिसके बाद मामला गरमा गया है। इस फोटो को लेकर उनके भक्तों में गहरा आक्रोश है। अनुयायियों का कहना है कि इस फोटो ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। फोटो को लेकर प्रेमानंद महाराज के शिष्य गौतम चिलाना ने साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 66बी और भारतीय दंड संहिता की धारा 299 के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपी की पहचान में जुट गई है और उन सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगाल रही है, जहां से यह फोटो शेयर या फॉरवर्ड की गई थी। वायरल की गई एआई इमेज में प्रेमानंद महाराज को लेटे हुए दिखाया गया है, जहां राधा रानी उनके चरण दबा रही हैं और श्रीकृष्ण खिड़की से झांकते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं, फोटो में एक सुंदर तालाब, मोर और बत्तख भी दर्शाए गए हैं। इस दृश्य को कृत्रिम तकनीक (एआई) से तैयार किया गया है। भक्तों का कहना है कि यह चित्र पूरी तरह असत्य, अनुचित और आस्था को ठेस पहुंचाने वाला है। इसे देखकर कई अनुयायी भावनात्मक रूप से आहत हुए हैं। वृंदावन स्थित श्री राधा केलि कुंज आश्रम की ओर से भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी गई है। आश्रम ने एक एडवाइजरी (चेतावनी) जारी करते हुए कहा, हम आप सभी भक्तों को सूचित करना चाहते हैं कि कुछ लोग पूज्य गुरुदेव श्री प्रेमानंद गोविंद शरण जी की फोटो, वीडियो और ऑडियो को एआई तकनीक से संपादित कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे हैं, जो कि पूरी तरह से अनुचित, अनैतिक और कानून के खिलाफ है। आश्रम ने सभी से विनती की है कि कोई भी श्रद्धालु या अन्य व्यक्ति एआई का प्रयोग करके प्रेमानंद महाराज की फोटो, वीडियो या ऑडियो न बनाए और न ही उन्हें शेयर करें। केवल आश्रम के अधिकृत और सत्यापित सोशल मीडिया अकाउंट्स से जारी सामग्री को ही सही माना जाए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल आरोपी की पहचान के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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