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बिखर रही नेकां-कांग्रेस की जुगलबंदी…इन सीटों पर भाजपा की नजर

जम्मू
प्रदेश में उपचुनाव से ठीक पहले राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं। नेशनल कान्फ्रेंस (नेकां) और कांग्रेस की जुगलबंदी के सुर अब बिखरने लगे हैं। दाेनों राजनीतिक दल नगरोटा में उपचुनाव लड़ने पर लगभग आमने-सामने आ गए हैं। न नेकां इस सीट से पीछे हटने को तैयार है और न ही कांग्रेस छोड़ने को राजी हो रही है।

दरअसल, आम आदमी पार्टी के इकलौते विधायक ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। इसके बाद कांग्रेस भी टकराव के मूड में है। पूर्ण राज्य के दर्जे पर कांग्रेस के नेता मुखर हैं और मुख्यमंत्री को भी आंखें दिखा चुके हैं।

नेकां के पास अपनी 41 सीटें हैं। इसके अलावा सरकार को कांग्रेस के छह, निर्दलीय सात और एक माकपा विधायक का समर्थन मिला है। समर्थकों की संख्या मिलाकर कुल 55 सीटें हुईं। अब कांग्रेस किसी भी सूरत में नगरोटा सीट को छोड़ने के लिए राजी नहीं है।

इस सीट पर उपचुनाव में नेकां अपना उम्मीदवार उतारती है तो कांग्रेस सरकार से समर्थन वापसी तक जा सकती है। ऐसे में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। कांग्रेस समर्थन वापस लेती है, तो उमर सरकार के विधायकों की संख्या 49 रह जाएगी। इनमें सात का बड़ा आंकड़ा निर्दलीय विधायकों का होगा।

नगरोटा सीट पर नेकां और कांग्रेस के टकराव का सीधा फायदा भाजपा को होगा। भाजपा ने भी उपचुनाव को लेकर अपने पत्ते खोल दिए हैं। इस बार पार्टी सीएम उमर के गढ़ में जाकर चुनौती देने के मूड़ में है। बडगाम सीट पर भाजपा अपना उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है। यहां अब तक नेकां और पीडीपी के बीच ही मुख्य मुकाबला होता रहा है।

चुनाव आयोग नगरोटा और बडगाम में अमरनाथ यात्रा के बाद उपचुनाव करवा सकता है। इन दोनों सीटों को खाली हुए छह माह का समय गुजर चुका है और किसी भी सीट को छह माह के बाद विशेष परिस्थितियों में ही खाली रखा जा सकता है। जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 में छह माह की अवधि के बाद सीट खाली रखने के दो प्रावधान हैं। इनमें पहला यदि खाली हुई सीट पर बकाया अवधि एक साल से कम हो। या फिर चुनाव आयोग यह तय कर दे कि प्रदेश के हालात को देखते हुए चुनाव करवाना मुश्किल है। जम्मू-कश्मीर पर फिलहाल दूसरा प्रावधान लागू है।
कांग्रेस नगरोटा में लड़ेगी चुनाव : शर्मा
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा का दावा है कि कांग्रेस नगरोटा की सीट पर चुनाव लड़ेगी और इसके लिए पार्टी लगातार तैयारी कर रही है। हालांकि अभी तक चुनाव आयोग ने तारीख घोषित नहीं की है। जैसे ही तारीख तय होगी उसके बाद पार्टी की गतिविधियां तेज हो जाएंगी।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा ने दोनों सीटों पर उपचुनाव लड़ने की बात कही है। भाजपा उपचुनाव में अपने उम्मीदवार उतारेगी। नगरोटा सीट भाजपा की परंपरागत सीट है। इस सीट पर दोबारा जीत हासिल होगी। इसके अलावा बडगाम में भी पार्टी चुनाव लड़ेगी। यहां धरातल स्तर पर भाजपा के सदस्य काम कर रहे हैं।

नेशनल कान्फ्रेंस के प्रांतीय अध्यक्ष रत्न लाल गुप्ता ने कहा है कि पार्टी दोनों ही सीटों पर उपचुनाव लड़ने जा रही है। बडगाम की सीट मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने खाली है। जबकि, नगरोटा में पार्टी अपना उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने कहा कि दोनों ही सीटों पर नेकां के उम्मीदवार चुनाव जीतेंगे।
प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रमण भल्ला ने बीते दिनों प्रधानमंत्री समेत मुख्यमंत्री को घेरने की कोशिश की है। उन्होंने कहा था कि सरकार में शामिल लोग पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की बात कर रहे हैं, लेकिन यह कब तक पूरा होगा, यह कोई भी नहीं बता पा रहा है। कांग्रेस इस मुद्दे पर अब चुप नहीं बैठेगी।

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