राहुल गांधी बनाम चुनाव आयोग: EC ने आरोपों पर दी सख्त प्रतिक्रिया – कहा, विपक्ष के नेता सीधे भेजें पत्र, तभी मिलेगा जवाब

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में कथित ‘मैच फिक्सिंग’ के आरोप लगाने के बाद चुनाव आयोग ने साफ़ और सख्त प्रतिक्रिया दी है। चुनाव आयोग ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि यदि विपक्षी नेता अपने सवालों को लेकर सीधे आयोग को लिखित में पत्र भेजते हैं तभी आयोग उन पर जवाब देगा।
राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया में धांधली के आरोप लगाए थे और मतदान सूची व सीसीटीवी फुटेज जारी करने की मांग की थी, ताकि चुनावों की पारदर्शिता पर सवालों के जवाब मिल सकें। उन्होंने बिहार के आगामी विधानसभा चुनावों को भी लेकर आशंका जताई थी कि वहां भी इसी तरह की धांधली हो सकती है।
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि आयोग ने पहले भी कांग्रेस को स्पष्ट कर दिया था कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और कानूनी नियमों के तहत संपन्न होते हैं। आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को “अविवेकी” और “संस्थागत इमेज को नुकसान पहुंचाने वाला” करार दिया। आयोग ने स्पष्ट किया कि बिना लिखित और औपचारिक शिकायत के वे इस तरह के आरोपों पर कार्रवाई नहीं कर सकते।
आयोग ने विपक्षी नेताओं से अपील की है कि वे सीधे पत्र लिखकर अपनी शिकायतें दर्ज कराएं, तभी आयोग उन पर जांच कर जवाब देगा। आयोग ने यह भी कहा कि वे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने आयोग की इस प्रतिक्रिया को “अपर्याप्त और अस्पष्ट” बताया है और पुनः मांग की है कि मतदान सूची और सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि आयोग के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो पारदर्शिता दिखानी चाहिए।
यह विवाद चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर एक नई बहस छेड़ रहा है और आगामी चुनावों में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।



