एएमयू शिक्षकों का विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर में व्याख्यान

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जनसंपर्क विभाग की मेम्बर इंचार्ज, प्रोफेसर विभा शर्मा का कहना है कि मानव सभ्यता की शुरुआत आपसी देखभाल से हुई थी, लेकिन वर्तमान में वही मानव पर्यावरण के लिए संकट बन चुका है। प्रोफेसर शर्मा जिला न्यायालय अलीगढ़ में विश्व जागरूकता कार्यक्रम और वृक्षारोपण अभियान का कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।उन्होंने प्लास्टिक के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए घरेलू उपयोग में आने वाले पर्यावरण-मित्र विकल्पों को अपनाने पर बल दिया। साथ ही न्यायिक क्षेत्र में पर्यावरणीय विषयों की विशेषज्ञता की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने पर्यावरणीय मानविकी की विशेषज्ञ मार्गरेट के सिद्धांतों का भी उल्लेख करते हुए विश्व पर्यावरण दिवस की वर्तमान प्रासंगिकता को स्पष्ट किया। कार्यक्रम में एएमयू भूगोल विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अहमद मुजतबा सिद्दीकी ने जलवायु परिवर्तन, भूमि क्षरण और मानवीय गतिविधियों से उत्पन्न पर्यावरणीय असंतुलन पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने फ्रांसीसी दार्शनिक मिशेल सेरेस के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए मनुष्य और प्रकृति के संबंधों को दार्शनिक दृष्टिकोण से समझाया। डॉ. सिद्दीकी ने एएमयू भूगोल विभाग द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए पर्यावरणीय डेटा संकलन बैलून का भी जिक्र किया, जो वास्तविक समय में पर्यावरणीय आंकड़ों को संकलित करता है। डिस्ट्रिक्ट जज श्री अनुपम कुमार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं दीं और वृक्षारोपण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। प्रिंसिपल जज, फैमिली कोर्ट, श्री आर.डी. सिंह ने पर्यावरणीय संतुलन की सांस्कृतिक महत्ता को रेखांकित किया और छोटे स्तर पर किए जाने वाले प्रयासों जैसे रीसायक्लिंग और ऊर्जा संरक्षण को जरूरी बताया। एडीजे प्रथम हरविंदर सिंह ने अंत में सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया और “गंगा दशहरा” की याद दिलाई। जिस दिन गंगा का अवतरण हुआ था। कार्यक्रम के अंत में प्रो. विभा शर्मा और डॉ. ए.एम. सिद्दीकी को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रोजेक्ट उम्मीद वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से एडवोकेट नदीम अंजुम, आदिल जवाहर, सरताज आलम, उमैघ्र, नबीला आदि कार्यक्रम में उपस्थित रहे। आयोजन ने समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में सार्थक पहल की।



