लखनऊ नगर निगम :मेयर के सामने महिला रोई, बोलीं, ठेकेदार 22 हजार घूस मांग रहा

लखनऊ नगर निगम मुख्यालय में समाधान दिवस का आयोजन किया जा रहा है। मौके पर नगर आयुक्त गौरव कुमार, अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार सहित आठ जोन के अधिकारी मौजूद हैं। शिविर में लालकुआं से जल आपूर्ति नहीं होने की शिकायत लेकर पहुंची महिला रोने लगीं। बोलीं- ठेकेदार ने 22 हजार रुपए घूस मांगी थी। वहीं, बुद्धेश्वर से आए पीड़ित ने कहा नगर निगम अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। अब इच्छा मृत्यु की अर्जी दूंगा। बुद्धेश्वर से आए रामचंद्र चौरसिया ने बताया अभी एक साल पहले सड़क बनी है। 15 दिन से सड़क पर पानी भरा है। नाले का पानी बैक मार रहा है। पार्षद से लेकर सांसद तक शिकायत कर चुके हैं। कोई हल नहीं निकला। उन्होंने कहा अब इसके बाद सिर्फ इच्छा मृत्यु की दरख्वास्त दूंगा। यहां नजूल की जमीन पर अगर कोई अवैध कब्जा करता है तो लेखपाल तुरंत एफआईआर करवा देता है। हमारे दरवाजे पर दो-दो फीट गोबर पड़ा है। रास्ते से निकल नहीं पा रहा हूं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। रामचंद्र चौरसिया ने बताया नगर निगम के लोगों ने हमसे 20 बोरी मौरंग मांगी। इसके बाद डेढ़ इंच सड़क बनाई गई। शाम हो गई तो ठेकेदार बोला कि अब काम नहीं होगा। मोहल्ले में कई लोगों ने सड़क पर जानवर पाल रखे हैं। उन्होंने बताया गोबर से नाला ब्लॉक हो गया है। नाले का पानी कॉलोनी में इधर-उधर फैल गया है। शिकायत करने पर नगर आयुक्त ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन पिछले कई साल से दौड़ रहे, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। लालकुआं की रहने वाली प्रेमा जायसवाल ने कहा मेरे वाटर लाइन पाइप का कलेक्शन बीच सड़क से टूटा था। इसे मकान बनवाते समय बंद किया था। अभी तक वाटर पाइप कनेक्शन जोड़ा नहीं गया है। पानी नहीं आ रहा है। कई बार एप्लिकेशन दी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया ठेकेदार ने 22 हजार रुपए मांगे थे। बोला कि अगर कनेक्शन सही कराना है तो 22 हजार रुपए देने होंगे। जलकल जीएम को लिखित में शिकायत भी दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। मेयर सुषमा खर्कवाल ने बताया कि दोपहर 1 बजे तक आठ जोनों से करीब 60 शिकायतें मिली थीं। सभी शिकायतों का निपटारा किया गया। पारा और बुद्धेश्वर इलाके में संचालित अवैध दूध डेरियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। पेयजल समस्या लेकर आई महिला की शिकायत पर कार्रवाई की जा रही है।

