नाबालिग से दुष्कर्म का मामला,कोर्ट ने आरोपी को सुनाई उम्रकैद, 65 हजार का जुर्माना भी लगायानाबालिग से दुष्कर्म का मामला

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उरई/जालौन, । जालौन की स्पेशल कोर्ट पॉक्सो एक्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला चुर्खी थाना क्षेत्र के एक गांव का है, जहां मुसमरिया गांव निवासी युवक लल्लू पुत्र हल्कू को कोर्ट ने दोषी पाया। विशेष न्यायालय पोक्सो एक्ट के न्यायाधीश मोहम्मद कमर (एडीजे) ने सोमवार को आरोपी को आजीवन कारावास के साथ कुल 65 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। कोर्ट का यह फैसला घटना के छह साल बाद आया, जिसे पीड़ित परिवार ने न्याय की जीत बताया। घटना 25 फरवरी 2019 को हुई थी, जब आरोपी लल्लू ने नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा लिया था। पीड़िता के पिता ने चुर्खी थाने में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 363 (अपहरण) और 366 (नाबालिग को बहला फुसलाकर भगाना) के तहत मामला दर्ज कराया था। जांच के दौरान पुलिस ने किशोरी बरामद किया और उसके बयान न्यायालय में दर्ज कराए, साथ ही उसका मेडिकल कराया, मेडिकल के दौरान किशोरी गर्भवती निकली, साथ ही उसने बताया कि आरोपी लल्लू के साथ अन्य आरोपियों से कई स्थानों पर ले गए थे इस आधार पर धारा 376 (दुष्कर्म) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 को भी शामिल किया गया। चार्जशीट 25 मार्च 2019 को कोर्ट में दाखिल की गई थी, और 2 सितंबर 2019 को आरोपी पर आरोप तय हुए। इसके बाद लगातार सुनवाई चली और सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। मामले की पैरवी शासकीय अधिवक्ताओं विश्वजीत गुर्जर और रणकेंद्र भदौरिया ने की। इसकी जानकारी शासकीय अधिवक्ता लखन लाल निरंजन ने देते हुए बताया कि कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट की धारा 4 में आजीवन कारावास के साथ 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं, आईपीसी की धारा 363 में तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये का अर्थदंड तथा धारा 366 में पांच वर्ष की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना सुनाया गया। वही अन्य आरोपी का न्यायालय किशोर न्याय बोर्ड में मामला विचाराधीन है।



