
निवेश की प्रक्रिया को तेज करने का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath मंगलवार को राजधानी लखनऊ के लोकभवन में एआई-आधारित सिंगल विंडो पोर्टल ‘निवेश मित्र 3.0’ का शुभारंभ करेंगे।
यह पोर्टल पहले से मौजूद निवेश मित्र का उन्नत संस्करण है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से निवेशकों को तेज, पारदर्शी और आसान सेवाएं मिलेंगी।
सरकार का मानना है कि इससे उद्योग लगाने की प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा और निवेशकों को बार-बार अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
इस पहल का सीधा मकसद उत्तर प्रदेश को एक बड़े निवेश हब के रूप में विकसित करना है।
राज्य सरकार ने 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा है, और निवेश मित्र 3.0 इस दिशा में एक अहम कड़ी माना जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान राज्य में औद्योगिक निवेश को और मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले भी लिए जाएंगे।
मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों की 85 कंपनियों को लेटर्स ऑफ कम्फर्ट, एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट और भूमि आवंटन पत्र दिए जाएंगे।
इसके साथ ही करीब 2,781 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी वितरित की जाएगी, जिससे उद्योगों को आर्थिक मजबूती मिलेगी।
इसी मंच से ‘यूपी प्राइवेट बिजनेस पार्क डेवलपमेंट स्कीम-2025’ की भी शुरुआत होगी।
इस योजना के तहत निजी क्षेत्र को इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इसके अलावा डीबीएफओटी यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर आधारित ‘प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल शेड्स’ योजना भी लॉन्च की जाएगी।
इस योजना की खासियत यह है कि निवेशकों को तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा, जिससे वे तुरंत उत्पादन शुरू कर सकेंगे।
इससे समय और लागत दोनों की बचत होगी और छोटे-बड़े उद्योगों को तेजी से स्थापित होने में मदद मिलेगी।




