टॉप न्यूज़दिल्ली NCRदुनियादेश

हद से ज्यादा हो रहा नुकसान, बंद हो जंग’, पश्चिम एशिया युद्ध पर थरूर का बयान; गैस कीमतों पर भी बोले

हद से ज्यादा हो रहा नुकसान, बंद हो जंग', पश्चिम एशिया युद्ध पर थरूर का बयान; गैस कीमतों पर भी बोले

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने पश्चिम एशिया युद्ध को लेकर कहा कि इसका नुकसान अब हद पार कर चुका है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने भारत से शांति स्थापित करने में भूमिका निभाने की अपील की। थरूर ने कहा कि युद्ध से तेल-गैस की कीमतें बढ़ रही हैं पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को लेकर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष से हो रहा नुकसान अब स्वीकार्य सीमा से बाहर जा चुका है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। थरूर ने साफ कहा कि यह युद्ध सिर्फ लड़ने वाले देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर भारत समेत पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए थरूर ने कहा कि वह हमेशा से शांति के पक्षधर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध किसी समस्या का हल नहीं है और अब समय आ गया है कि दोनों पक्ष अपने रुख में नरमी लाएं। उन्होंने भारत से भी अपील की कि वह इस युद्ध को खत्म कराने में बड़ी भूमिका निभाए।थरूर ने कहा कि यह संघर्ष आम लोगों की जिंदगी को सीधे प्रभावित कर रहा है। उन्होंने बताया कि तेल और गैस की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध का असर सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया इसके असर को महसूस कर रही है।कांग्रेस नेता ने कहा कि युद्ध एक बेकार और नुकसानदेह प्रक्रिया है। उन्होंने अपने संयुक्त राष्ट्र के अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि सैनिक खुद युद्ध नहीं चाहते, क्योंकि वे जानते हैं कि इसमें कितना दर्द और नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि रोज निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं।थरूर ने कहा कि अब समय आ गया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस युद्ध को खत्म करने के लिए कोशिश की जाए। उन्होंने ओमान के विदेश मंत्री की अपील का जिक्र करते हुए कहा कि कई देश चाहते हैं कि यह संघर्ष जल्द खत्म हो। उन्होंने भारत से भी इस दिशा में आगे बढ़कर नेतृत्व करने की बात कही।इस दौरान थरूर ने महिलाओं को कम टिकट दिए जाने के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़नी चाहिए, क्योंकि वे आबादी का आधा हिस्सा हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उम्मीदवार चयन में जीत की संभावना को भी ध्यान में रखा जाता है, लेकिन भविष्य में महिला आरक्षण से यह स्थिति बेहतर हो सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!