केंद्र ने दार्जिलिंग DM की मांगी डेप्युटेशन, बंगाल सरकार ने कर दिया ट्रांसफर
, राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल उल्लंघन मामले में घमासान

राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल उल्लंघन मामले में अब एक बार फिर पश्चिम बंगाल और केंद्र सरकार आमने सामने आ गए हैं। शुक्रवार को केंद्र सरकार ने दार्जिलिंग डीएम मनीष मिश्रा और सिलीगुड़ी के सीपी सी. सुधाकर की डेप्युटेशन मांगी, जिसके तुरंत बाद बंगाल सरकार ने मनीष मिश्रा का ट्रांसफर कर दिया।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रोटोकॉल उल्लंघन मामले में एक बार फिर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार आमने सामने हैं। शुक्रवार को केंद्र सरकार ने बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती से कहा कि वे दार्जिलिंग के डीएम मनीष मिश्रा और सिलीगुड़ी के पुलिस कमिश्नर सी. सुधाकर को सोमवार तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली भेजें।इस लेटर के तुरंत बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने डीएम मनीष मिश्रा का गृह विभाग के स्पेशल सचिव के पद पर ट्रांसफर कर दिया। मनीष मिश्रा की जगह अब सुनील अग्रवाल को दार्जिलिंग का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। वह अभी तक उत्तर बंगाल विकास विभाग के स्पेशल सचिव थे। वहीं, पुलिस कमिश्नर सी. सुधाकर को लेकर अभी तक ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया है।इससे पहले बंगाल सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर विस्तृत स्पष्टीकरण दिया था, जिसके बाद केंद्र सरकार का यह लेटर अब बंगाल की मुख्य सचिव को आया है। बंगाल सरकार ने कहा कि राष्ट्रपति का विस्तृत कार्यक्रम केंद्र और राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा मंजूर किया गया था। इसमें उन अधिकारियों की सूची भी शामिल थी, जो उनका स्वागत करेंगे। डीएम मनीष मिश्रा, सीपी सी. सुधाकर और सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब ने 7 मार्च को सिलीगुड़ी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया था। वहीं, गौतम देब ने शुक्रवार को इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से परहेज किया।सिलीगुड़ी के विधायक और विधानसभा के मुख्य सचेतक शंकर घोष ने राष्ट्रपति मुर्मू से जुड़े इस घटनाक्रम की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का अपमान राष्ट्र का अपमान है। उन्होंने आगे कहा कि गृह मंत्रालय को इस मामले की जांच करने की जरूरत थी और उन्होंने ऐसा किया।2015 बैच के आईएएस अधिकारी मनीष मिश्रा ने 27 अक्टूबर 2025 को दार्जिलिंग के डीएम का पदभार संभाला था। उन्होंने 2013 बैच की आईएएस अधिकारी प्रीति गोयल की जगह ली थी। प्रीति गोयल का तबादला करके उन्हें मालदा का डीएम बनाया गया था। दार्जिलिंग में अपनी नियुक्ति से पहले मनीष मिश्रा उत्तरी 24 परगना के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यरत थे।




