एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री को किया फोन, इस बात पर बन गई सहमति; ताजा हालात पर भी हुई चर्चा

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची से फोन पर बातचीत की है। बातचीत के बाद एस जयशंकर ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि आज शाम को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची से बात हुई। इस चर्चा के दौरान अहम बात पर सहमति बनी है।भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची से बातचीत की है। उन्होंने इसकी जानकारी अपने एक्स हैंडल पर दी। जयशंकर ने लिखा कि आज शाम को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची से बात हुई। हमने उनके साथ ताजा हालात पर चर्चा की। हम दोनों के बीच आगे भी संपर्क में बने रहने पर सहमति बनी है।इस बातचीत के बाद उम्मीद लगाई जा रही है कि ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों और छात्रों के रेस्क्यू में मदद मिल सकेगी। इससे पहले भारत सरकार ने ट्रैवल गाइडलाइन भी जारी की थी जिसमें कहा गया कि छात्र आर्मीनिया बॉर्डर की मदद से भारत लौट सकते हैं। हालांकि, भारतीय दूतावास ने यह भी क्लियर कर दिया था कि यह यात्रा छात्रों के खुद के रिस्क पर होगी।विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को जर्मनी और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रियों से बात की। जयशंकर ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर पर एक पोस्ट में लिखते हुए कहा कि जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर विचारों का आदान-प्रदान किया।वहीं, जयशंकर ने एक अन्य पोस्ट में लिखते हुए कहा कि उन्होंने दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून के साथ पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र पर इसके प्रभावों पर भी बात हुई।जयशंकर ने कहा कि हमने द्विपक्षीय एजेंडे को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। साथ ही पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी बात हुई, जिसमें ऊर्जा संबंधी मुद्दे शामिल रहे।विदेश मंत्री जयशंकर ने सोमवार को इटली की विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी के साथ भी पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की। ताजानी ने कहा कि वे जयशंकर के साथ मिलकर तुरंत स्थिति को काबू करने, समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की स्थिरता बनाए रखने के लिए कदम उठाने का प्रयास करेंगे।




