
टैरिफ पर ट्रंप को क्या संदेश देने जा रहा ब्राजील
भारत यात्रा खत्म होते ही ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधा संदेश देने की कोशिश की है कि वह दुनिया में फिर से उथल-पुथल की कोशिश न करें।ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा भारत की पांच दिनों की यात्रा के बाद अगले महीने अमेरिका की यात्रा पर जा सकते हैं। भारत और अमेरिका दोनों ही उन देशों में शामिल हैं, जिनपर अमेरिकी राष्ट्रपति ने सबसे पहले 50% तक टैरिफ लगा दिया था। हालांकि, तब से लेकर अबतक वॉशिंगटन की पोटोमैक नदी में काफी पानी बह चुका है। ऐसे में भारत के साथ द्विपक्षीय संधि करने के बाद लूला ने अमेरिका और पश्चिमी देशों को लेकर जो कुछ कहा, उसमें डोनाल्ड ट्रंप के लिए सीधा संदेश है।भारत और ब्राजील के बीच माइनिंग और मिनरल्स सेक्टर में सहयोग की द्विपक्षीय संधि क्रिटिकल मिनरल्स की होड़ में जुटी दुनिया में अहम रोल निभा सकता है। ब्राजील दुनिया में लौह अयस्क का सबसे बड़ा उत्पादक है और उसके पास उन मिनरल्स का विशाल भंडार है, जो लोहा बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस तरह से यह समझौता भारत के स्टील सेक्टर के लंबे समय की स्थिरता के लिए लाभदायक है।इस समय जब दुनिया में ट्रेड डील पर पूरा जोर है, भारत और ब्राजील को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है, ‘हम द्विपक्षीय व्यापार को अगर पांच वर्षों में 20 अरब डॉलर से भी कहीं ज्यादा ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’ इस समय दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार लगभग 15 अरब डॉलर के आसपास है। उनके अनुसार दोनों देश टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और अन्य कई चीजों में भी मिलकर काम करेंगे।वहीं ब्राजील के राष्ट्रपति लूला का कहना है कि भारत और ब्राजील की साझेदारी बराबरी आधारित है। उन्होंने कहा कि ‘सबसे ज्यादा अहम ये है कि जब हम भारत जैसे देश के साथ चर्चा करते हैं तो हम उपनिवेशवादी के साथ डील नहीं कर रहे होते। …हम दोनों देशों को एक-दूसरे की जरूरत है। कोई भी एक-दूसरे से ऊपर नहीं है।’ मतलब, लूला ने बिना कहे अमेरिका और उनके पिछलग्गू पश्चिमी देशों को सबकुछ कह दिया है, जिसमें कहीं न कहीं दूसरे पर हावी होने की कोशिश छिपी रहती है।




