
भोपाल से खबर है कि कल AI शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के नेताओं के विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस प्रदर्शन को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “मैं AI शिखर सम्मेलन के दौरान राहुल गांधी के इशारे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन की निंदा करता हूं। यह बहुत ही निंदनीय और अनुचित है। कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए कि वे इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के बीच देश का विरोध कर रहे हैं।”
यादव ने कहा कि भारत हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है, और ऐसे समय में कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन उनकी मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन न केवल अनुचित है, बल्कि इससे देश की छवि भी खराब हो रही है। उन्होंने कांग्रेस, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से माफी मांगने की भी मांग की है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन न केवल उनकी राजनीतिक असमर्थता का प्रमाण है, बल्कि यह देश के विकास के प्रति उनकी असंवेदनशीलता भी दिखाता है। “जब देश आगे बढ़ रहा है, तब कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन उनकी विपक्षी भावना से अधिक कुछ नहीं है।”
इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल गरम हो गया है। भाजपा समर्थक इसे कांग्रेस की असहिष्णुता और देश विरोधी कदम मान रहे हैं, जबकि कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक विरोध का अधिकार बता रही है। विपक्ष का कहना है कि यह प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है, और सरकार को इसे समझदारी से देखना चाहिए।
इस पूरी घटना ने देश के राजनीतिक माहौल को गरम कर दिया है, और राजनीतिक विश्लेषक इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या यह विरोध प्रदर्शन कांग्रेस की नकारात्मक छवि को और पुष्ट करेगा या फिर यह राजनीतिक बहस का हिस्सा बनेगा।




