दिल्ली NCRदुनियादेश

‘जब तक मैं हूं, मियां लोगों को परेशानी होती रहेगी’; अवैध घुसपैठियों पर CM हिमंत ने साधा निशाना

नई दिल्ली
असम की राजनीति में एक बार फिर बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हिमंत बिस्व सरमा ने एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान कहा कि मियां कहे जाने वाले लोगों को तब तक परेशानी झेलनी पड़ेगी, जब तक वह मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे। उनके इस बयान के बाद सियासी बहस तेज हो गई है। सरमा ने यह भी कहा कि जिन लोगों को वह अवैध बांग्लादेशी मानते हैं, उन्हें राज्य में काम करने की अनुमति नहीं होनी चाहिए।
असम के गोलपाड़ा में मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को मियां कहा जाता है, वे अवैध बांग्लादेशी हैं और उन्हें शांति से नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन सख्ती करेगा और दिक्कतें पैदा होंगी, तभी ऐसे लोग राज्य छोड़ेंगे। सरमा ने साफ कहा कि जब तक वह सत्ता में हैं, तब तक ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून के हिसाब से दूसरे देश के नागरिकों को यहां काम करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल भारत के नागरिकों को ही यहां रोजगार मिलना चाहिए। उन्होंने अपने पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने रिक्शा किराया कम देने वाली बात भी उनके भले के लिए कही थी। सरमा ने कहा कि अगर उनकी बात को लोग नहीं समझते, तो फिर सरकार सख्त रुख अपनाएगी।
असम में मियां शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर बंगाली भाषी मुसलमानों के लिए किया जाता रहा है और इसे अपमानजनक माना जाता है। हालांकि हाल के वर्षों में समुदाय के कुछ लोगों ने इस शब्द को पहचान के रूप में भी अपनाया है। गैर-बंगाली भाषी लोग अक्सर इस शब्द का इस्तेमाल बांग्लादेशी घुसपैठियों के संदर्भ में करते रहे हैं। मुख्यमंत्री का बयान इसी संदर्भ में आया है।

मुख्यमंत्री पहले भी कह चुके हैं कि बांग्लादेशी मुसलमानों की आबादी अगली जनगणना में राज्य की बड़ी हिस्सेदारी बन सकती है। उन्होंने आरोप लगाया है कि ये लोग जमीन पर अतिक्रमण कर रहे हैं और धार्मिक संस्थानों की जमीन भी घेर रहे हैं। उन्होंने पहले लव जिहाद और फर्टिलाइजर जिहाद जैसे आरोप भी लगाए थे। विपक्षी दलों ने ऐसे बयानों पर भाजपा सरकार पर समाज को बांटने का आरोप लगाया है।

बयान से बढ़ी सियासी गर्मी
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्ष ने इसे विभाजनकारी और भड़काऊ करार दिया है, जबकि भाजपा समर्थक इसे अवैध घुसपैठ के खिलाफ सख्त नीति बता रहे हैं। मामला अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। आने वाले दिनों में इस बयान पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!