
मुंबई
मुंबई नगर निगम चुनाव 2026 में कई चर्चित चेहरे विजयी रहे। भाजपा की तेजस्वी अभिषेक घोसालकर और राजश्री शिरवाडकर महापौर पद की दावेदार बनकर उभरीं, जबकि मराठी राजनीति में एनसीपी की मर्जिया पठान और AIMIM की सहर यूनुस शेख ने भी अपनी ताकत दिखाई। यह चुनाव नए और युवा नेताओं की बढ़ती भूमिका को उजागर करता है, जहां स्थानीय जनता ने विकास और ईमानदारी को प्राथमिकता देते हुए अपना समर्थन दिया।
चर्चा यह है कि क्या मुंबई महानगरपालिका का महापौर शिवसेना (शिंदे समर्थक) से होगा और क्या वे मराठी मूल के होंगे। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि भाजपा महापौर पद शिवसेना को दे सकती है, ताकि महायुति के भीतर एक संतुलन बने और राजनीतिक संदेश दिया जा सके कि मुंबई के महापौर मराठी मूल के होंगे। इस चुनाव में भाजपा ने कुल 88 सीटें जीती हैं और पार्टी मुंबई में प्रमुख ताकत बनकर उभरी है।
तेजस्वी अभिषेक घोसालकर इस चुनाव में सबसे चर्चित चेहरों में से एक रही हैं। दहिसर (वार्ड नंबर 2) से 10,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल करने वाली तेजस्वी वर्तमान में भाजपा की सबसे बड़ी पोस्टर गर्ल मानी जाती हैं। तेजस्वी घोसालकर पिछले महीने ही भाजपा में शामिल हुई थीं। 15 दिसंबर को उन्होंने औपचारिक रूप से पार्टी जॉइन की थी। तेजस्वी की चुनावी यात्रा आसान नहीं रही। उनके पति की हत्या फेसबुक लाइव पर होने जैसी घटनाओं के बावजूद तेजस्वी ने हिम्मत नहीं हारी और जनता के समर्थन से बड़ी जीत दर्ज की। यह उनके नेतृत्व, रणनीति और जनता के साथ जुड़े रहने की क्षमता का प्रमाण है।
वार्ड नंबर 172 से विजयी हुई राजश्री शिरवाडकर भाजपा की निष्ठावान और जुझारू मराठी महिला नेता हैं। अगर पार्टी आरक्षण के आधार पर किसी महिला को महापौर बनाना चाहे, तो उनका नाम सबसे आगे माना जाएगा। राजश्री स्थानीय मुद्दों पर सक्रिय हैं और जनता के साथ संवाद कायम रखती हैं।
मराठी फिल्म अभिनेत्री निशा पारुलेकर ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्होंने वार्ड नंबर 25 से चुनाव लड़ा और गठबंधन के भीतर हुई बगावत और निर्दलीय चुनौती को मात दी। एनसीपी की मर्जिया पठान और एआईएमआईएम की सहर यूनुस शेख ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में जीत हासिल कर यह साबित किया कि चुनाव में युवा और अलग समुदाय के चेहरे भी अपनी ताकत दिखा सकते हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया कि मुंबई का मेयर मराठी और हिंदू होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने विकास और ईमानदारी पर केंद्रित अपना एजेंडा रखा और जनता ने उसी को बहुमत दिया। फडणवीस ने कहा यदि महाराष्ट्र में कोई ‘ब्रांड’ है, तो वह सिर्फ बालासाहेब ठाकरे हैं और स्पष्ट किया कि विकास-प्रधान राजनीति में ही जनता का समर्थन मिलता है।




