
कोलकाता/मालदा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल के दौरे पर रहे। मालदा में उन्होंने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही चार अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की भी शुरुआत की गई। पीएम मोदी ने ट्रेन में बच्चों और लोको पायलटों से बातचीत की और बाद में एक जनसभा को संबोधित किया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की रेल व्यवस्था तेजी से आधुनिक हो रही है। उन्होंने कहा, “कभी हम विदेशों की ट्रेनों की तस्वीरें देखकर सपना देखते थे, आज वही सपना भारत में साकार हो रहा है।” पीएम मोदी ने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक, शानदार और यादगार बनाएगी।
प्रधानमंत्री ने बताया कि यह पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मां काली की धरती बंगाल को मां कामाख्या की भूमि असम से जोड़ती है। उन्होंने इसे ‘मेड इन इंडिया’ बताते हुए कहा कि भारतीय रेल आत्मनिर्भर बन रही है और भारत अब अमेरिका व यूरोप से ज्यादा लोकोमोटिव बना रहा है।
पीएम मोदी ने मालदा से 3250 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। इनमें बालुरघाट–हिली नई रेल लाइन, न्यू जलपाईगुड़ी में फ्रेट मेंटेनेंस सुविधा, सिलीगुड़ी लोको शेड और वंदे भारत मेंटेनेंस केंद्र का आधुनिकीकरण शामिल है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये परियोजनाएं बंगाल को आईटी और औद्योगिक हब बनाने में मदद करेंगी।
हावड़ा–गुवाहाटी के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में 16 आधुनिक कोच हैं, जिनमें 1128 यात्री सफर कर सकेंगे। यह ट्रेन 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है और यात्रा समय 17 घंटे से घटकर 14 घंटे हो जाएगा। आधुनिक सस्पेंशन, ट्रैक्शन मोटर और एयरोडायनामिक डिजाइन से यात्रियों को शांत और सुरक्षित सफर का अनुभव मिलेगा।
इसके बाद पीएम मोदी असम रवाना हुए, जहां वे अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे और काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखेंगे।




