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जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर बहस: उमर अब्दुल्ला बोले—केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद वित्तीय आत्मनिर्भरता घटी

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर की केंद्र पर वित्तीय निर्भरता बढ़ गई है। मुख्यमंत्री अब्दुल्ला केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के उस बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें उन्होंने ऋण–जीडीपी अनुपात को कम करने के लिए राज्यों द्वारा राजकोषीय अनुशासन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया था। यहां पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कहा, “जम्मू-कश्मीर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं है। हम वित्तीय संसाधनों के लिए काफी हद तक केंद्र सरकार पर निर्भर हैं। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद यह निर्भरता कम होने के बजाय और बढ़ गई है।” अब्दुल्ला के पास वित्तविभाग भी है।

उन्होंने कहा, “एक राज्य के रूप में हमें पहले केंद्रीय करों से राज्य का हिस्सा मिलता था, जो अब नहीं मिल रहा। इसलिए, हमें बजट से जुड़ा एक बड़ा वित्तीय दायित्व सीधे केंद्र को स्थानांतरित करना पड़ रहा है।” उन्होंने कहा कि हालांकि हम वित्तीय अनुशासन को बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के विषय पर उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में प्रत्येक कदम उठा रही है, लेकिन लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं कश्मीर में बिजली संकट पर उन्होंने कहा कि नदियों में जल प्रवाह कम होने के कारण केंद्र शासित प्रदेश में बिजली उत्पादन में भी काफी गिरावट आई है। उन्होंने कहा, “हमें पता है कि यहां बहुत ठंड है और लोगों को खुद को गर्म रखना पड़ता है, लेकिन उन्हें बिजली का उपयोग विवेकपूर्ण ढंग से करना चाहिए।”

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