
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने में अभी। साल का समय बाकी है। हालांकि समाजवादी पार्टी ने तैयारी शुरू कर दी है। इस बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दिया है। अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि सपा को बदनाम करने वाले गाने के खिलाफ उनकी पार्टी FIR दर्ज कराएगी। अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर सपा को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह गाना उनकी पार्टी की छवि खराब करने के लिए एक राजनीतिक अभियान के तहत जारी किया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, “भाजपा, समाजवादी पार्टी को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। पार्टी को बदनाम करने के लिए एक गाना जारी किया गया है और हम इसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएंगे।” उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक स्क्रीन पर यह गाना भी चलवाया जिसके बोल यह इशारा कर रहे थे कि अगर समाजवादी पार्टी सत्ता में वापस आई तो गुंडागर्दी बढ़ जाएगी। हालांकि गाने में भारतीय जनता पार्टी अथवा सरकार से कोई सीधा लिंक साफ तौर पर नहीं दिखाया गया था। इस बारे में अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी अभी भी FIR दर्ज करायेगी और देखेगी कि गाना बनाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई या नहीं। उन्होंने कहा, “अगर कोई कार्रवाई नहीं की गयी, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह काम किसके संरक्षण में हो रहा है।”
भाजपा सांसद और भोजपुरी गायक मनोज तिवारी ने होली पर एक गाना जारी किया था, जिसमें सपा और अखिलेश यादव पर मजाक उड़ाया गया। कथित वीडियो में अखिलेश यादव जैसा मास्क पहने एक व्यक्ति दिखाया गया था। इस गाने पर पहले जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने कहा था कि मनोज तिवारी ने अपना राजनीतिक सफर समाजवादी पार्टी से शुरू किया था और चूंकि गाना होली से जुड़ा था, इसलिए किसी को बुरा नहीं लगना चाहिए। उन्होंने कहा था, “अगर समाजवादी पार्टी भी ऐसा गाना जारी करती है, तो किसी को बुरा नहीं लगना चाहिए।”
कुछ दिनों बाद समाजवादी पार्टी ने मनोज तिवारी जैसा मास्क पहने एक व्यक्ति का एक छोटा वीडियो गाना जारी किया, जिसमें उनके राजनीतिक सफर का मज़ाक उड़ाया गया और आरोप लगाया गया कि उन्हें उनकी पार्टी में साइडलाइन कर दिया गया और दिल्ली का मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया। पढ़ें UP चुनाव से पहले BJP को सता रहा जातीय गणित बिगड़ने का डर




