नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ के पहले और दूसरे चरण के बीच कितना कुछ बदल गया?
नीतीश कुमार की 'समृद्धि यात्रा' के पहले और दूसरे चरण के बीच कितना कुछ बदल गया?

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृ्द्धि यात्रा अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। कल, यानी 14 मार्च को उनकी इस यात्रा का समापन हो जाएगा। नीतीश की समृद्धि यात्रा दो चरणों में हुई। इन दोनों चरणों के बीच बिहार में बहुत कुछ बदल गया।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राज्य में समृद्धि यात्रा चल रही है। इस यात्रा का पहला चरण तब चला था जब नीतीश कुमार सिर्फ बिहार के मुख्यमंत्री थे। दूसरा चरण अब चल रहा है जब वे मुख्यमंत्री पद से मुक्त होकर राज्यसभा सांसद बनने जा रहे हैं। कल यानी 14 मार्च उनकी समृद्धि यात्रा का समापन दिवस होगा और इसके दो दिन बाद 16 मार्च को वे राज्यसभा सांसद बन जाएंगे। समृद्धि यात्रा के इन दोनों चरणों के बीच करीब डेढ़ माह का विराम बिहार विधानसभा के बजट सत्र के कारण लगा रहा। इसी दौरान बिहार की राजनीति ने बड़ी करवट ले ली और नीतीश कुमार की राज्य से विदाई तय हो गई।
बिहार को समृद्ध बनाने के सपनों को फलीभूत होते देखने और विकास के नए ख्वाब बुनने के लिए नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा पर निकले हैं। उनकी इस यात्रा का पहला चरण 16 से 24 जनवरी 2026 तक चला था। दूसरा चरण 10 मार्च से शुरू हुआ और यह 14 मार्च को समाप्त हो जाएगा।सवाल उठ रहा है कि बिहार के ‘सुशासन बाबू’ नीतीश कुमार की ‘विदाई’ से पहले उनकी समृद्धि यात्रा का रंग फीका क्यों नजर आ रहा है? दूसरे चरण की यात्रा में वे पहल की तरह अलग-अलग जिलों में जा रहे हैं, स्थान बदल रहे हैं, लेकिन नीतीश का भाषण नहीं बदल रहा है। वे सभी जगह एक-एक लाइन दोहरा रहे हैं। वे बस लिखा हुआ पढ़ते हुए दिख रहे हैं। वे बिहार छोड़कर राज्यसभा में जाने वाले हैं, लेकिन वे इसका कहीं भी जिक्र नहीं कर रहे हैं।नीतीश कुमार भाषण में कह रहे हैं- ”बिहार में लोगों को मुफ्त बिजली दी जा रही है। स्वास्थ्य सेवा को लेकर भी काम किया जा रहा है। पीएमसीएच में 5400 बेड की व्यवस्था की जा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में भी काम किया जा रहा है। मदरसों को सरकारी मान्यता दी गई है। इनके शिक्षकों को अन्य सरकारी शिक्षकों के अनुसार वेतन दिया जा रहा है। हमने 40 लाख लोगों को रोजगार दिया। अब अगले पांच साल में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है।” ये वे कुछ पंक्तियां हैं जो नीतीश ने दूसरे चरण की यात्रा में सभी जिलों में दोहराई हैं।




