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कांग्रेस और सपा ने दिया उद्धव ठाकरे को धोखा

BMC प्रभाग समिति चुनाव में एकनाथ शिंदे की मानसी सातमकर जीतीं

मुंबई में बीएमसी के एफ नॉर्थ और एफ साउथ बीएमसी वार्ड कमेटी के अध्यक्ष पद के चुनाव में यूबीटी शिवसेना को करारा झटका लगा है। ठाकरे गुट, कांग्रेस और एमएनएस के संयुक्त समर्थन से महा विकास अघाड़ी को संख्यात्मक लाभ होने के बावजूद, उसकी उम्मीदवार और मुंबई की पूर्व मेयर श्रद्धा जाधव चुनाव हार गईं।BMC की 6 प्रभाग समित्तियों के अध्यक्ष पद़ों के चुनाव गुरुवार को संपन्न हुए। इन चुनायों में कई जगह दिलचस्प मुकाबले देखने को मिले। वहीं, एफ-उत्तर और एफ-दक्षिण प्रभाग समिति के चुनाव में बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नगरसेवकों की अनुपस्थिति के कारण उद्धव सेना की प्रत्याशी व पूर्व मेयर श्रद्धा जाधव को हार का सामना करना पड़ा। शिंदे गुट की नगरसेविका मानसी सातमकर जीत गई।BMC की 6 प्रभाग समितियों के अध्यक्ष पद के लिए गुरुवार को चुनाव प्रक्रिया पूरी की गई। इनमें आर-उत्तर और आर-मध्य प्रभाग समिति के अध्यक्ष पद पर प्रकाश दरेकर, आर-दक्षिण प्रभाग समिति के अध्यक्ष पद पर लीना देहरकर और सी-डी प्रभाग समितति के अध्यक्ष पद पर आकाश पुरोहित को निर्विरोध चुना गया।ए, बी, ई प्रभाग समिति अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस के ज्ञानराज निकम ने B.JP के नगरसेवक रोहिदास लोखंडे को 2 वोटों से हराया। यहीं, पी-पूर्य और पी-पश्चिम प्रभाग समिति के चुनाव में कांग्रेस के हैदरअली असलम शेख ने NCP (शरद पवार गुट) के नगरसेवक अजित रावराणे को 2 वोटों से मात दी।सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की नगरसेवक आयशा सोफियान वनू और समाजवादी पार्टीकी नगरसेवक इरम सिद्दीक्री मतदान प्रक्रिया के दौरान अनुपस्थित रही। इन दोनों के मतदान में शामिल न होने से महाविकास आघाड़ी का पूरा गणित बिगड़ गया। मतदान के बाद मानसी सातमकर को कुल 8 वोट मिले, जबकि श्रद्धा जाधव को 7 वोट ही मिल सके। इस तरह एक वोट के अंतर से श्रद्धा जाधव को हार का सामना करना पड़ा।एफ-उत्तर और एफ-दक्षिण प्रभाग समिति मे कुल 17 नगरसेवक है। इनमें BJP के 5, उद्धव सेना के 6, शिंदे गुट के 3. कांग्रेस के 1. समाजवादी पार्टी के 1 और MNS के 1 नगरसेवक शामिल है। महायुति के पास BJP और शिंदे गुट को मिलाकर कुल 8 नगरसेक्को का समर्धन था। यही, उद्धव सेना, कांग्रेस और MNS के पास भी कुल 8 वोट थे। ऐसे में समाजवादी पार्टी के वोट को निर्णायक माना जा रहा था।

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