
बिहार को नया मुख्यमंत्री मिलेगा, इसमें कोई दो राय नहीं है। इसको लेकर सियासी गलियारों में अलग-अलग नामों पर चर्चा चल रही है। मीडिया अपने हिसाब से कयास लगा रहा है। लेकिन ये भी एक सच ही है कि सबकुछ पहले ही तय हो चुका है।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही राज्यसभा चले जाएंगे। 16 मार्च को वोटिंग के बाद ये तय मान कर चलिए कि बिहार को भी जल्द ही नया मुख्यमंत्री भी मिलेगा। ज्यादातर यही माना जा रहा है कि नया सीएम बीजेपी से होगा। लेकिन कुछ लोग JDU की तरफ से ही नया सीएम होने की भविष्यवाणी कर रहे हैं। आखिर सच क्या है?मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खगड़िया में अपनी समृद्धि यात्रा के दौरान मंच से बोलते-बोलते बड़ा इशारा दिया। उन्होंने कहा कि ‘ठीक है न, बहुत-बहुत आपको बधाई,मैं आपको बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं। और एक मिनट रुकिए। हम आपको….’ इसके बाद सीएम नीतीश कुमार मंच से सीधे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तरफ बढ़े और सम्राट चौधरी का कंधा पकड़ कर उन्हें सबका अभिवादन करने का इशारा किया।नीतीश कुमार के इस व्यवहार के कई तरह के मायने लगाए जा रहे हैं। एक तरफ कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार ने खगड़िया में सम्राट चौधरी को सीएम की कुर्सी का उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। वहीं दूसरी तरफ कहा जा रहा है कि चुंकि सम्राट चौधरी का विधानसभा क्षेत्र तारापुर भागलपुर कमिश्नरी में पड़ता है तो इसलिए नीतीश ने खगड़िया में सम्राट चौधरी का इस तरह से स्वागत करवाया। इसका बिहार के नए सीएम पद से कोई लेना देना नहीं है।सवाल ये भी है कि सबकुछ एकदम चुपचाप क्यों हो रहा है? डंका पीटने वाली पार्टी इतनी शांत क्यों है? आखिर क्या वजह है कि बीजेपी के आलाकमान से लेकर पटना दफ्तर तक में बिहार के नए सीएम उम्मीदवार के बारे में खुल कर कोई कुछ बात नहीं कर रहा। हालांकि मीडिया में नाम तो इतने चल रहे हैं कि आम लोग भी कन्फ्यूज हो गए हैं। लेकिन सच में बिहार का अगला सीएम कौन बनेगा, ये किसी को नहीं पता।इस पर मशहूर शिक्षाविद् और पॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉ संजय कुमार कहते हैं कि ‘राजनीति में इशारों में सम्राट चौधरी पसंद हो सकते हैं। अगर बीजेपी सम्राट चौधरी पर भी दांव लगाएगी तो उसका क्रेडिट नीतीश कुमार को नहीं लेने देगी। अगर नया चेहरा होगा तो इसमें बीजेपी को क्रेडिट लेने का मौका मिल जाएगा। ये भी तथ्य है कि आजादी के बाद से पहली बार बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री होगा, इसलिए बीजेपी इसका क्रेडिट भी खुद लेंगी। कुल मिलाकर सारा क्रेडिट का खेल है।’




