
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने शनिवार को माता रमाबाई आंबेडकर की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर नेताओं ने सामाजिक समानता, महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में माता रमाबाई के योगदान को याद किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि माता रमाबाई आंबेडकर सेवा, समर्पण और त्याग की प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने उन्हें नारी चेतना की सशक्त प्रतीक बताते हुए कहा कि शिक्षित और जागरूक समाज के निर्माण में उनका योगदान सदैव प्रेरणादायी रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि माता रमाबाई का जीवन संघर्ष, साहस और समाज सुधार के प्रति समर्पण का उदाहरण है।
भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी माता रमाबाई आंबेडकर को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें महिला सशक्तिकरण की आदर्श प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि सामाजिक समानता और न्याय के लिए उनका योगदान अमूल्य है, जिसे आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी। चौधरी ने कहा कि सुशिक्षित और सक्षम समाज के निर्माण में माता रमाबाई की भूमिका ऐतिहासिक रही है।
वहीं, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने संदेश में माता रमाबाई को महिला सशक्तिकरण की अग्रदूत बताया। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा, आत्मसम्मान और सामाजिक चेतना के लिए किया गया उनका संघर्ष नारी शक्ति और दृढ़ संकल्प की प्रेरक मिसाल है। मौर्य ने कहा कि उनका जीवन समाज के लिए मार्गदर्शक है।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए माता रमाबाई आंबेडकर को सामाजिक समानता और सद्भाव की प्रबल पक्षधर बताया। उन्होंने कहा कि उनका जीवन महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनने की प्रेरणा देता है।
गौरतलब है कि भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की पत्नी माता रमाबाई आंबेडकर का जन्म सात फरवरी 1898 को महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में हुआ था। वर्ष 1906 में उनका विवाह डॉ. भीमराव आंबेडकर से हुआ। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा और सामाजिक चेतना के महत्व को समझा और जीवन भर संघर्ष करती रहीं।
आज उनकी जयंती पर देश भर में उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जा रहा है, और उनके विचार आज भी समाज को समानता और न्याय का मार्ग दिखा रहे हैं।




