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रिटायरमेंट की तैयारी में किम जोंग? नाबालिग उत्तराधिकारी को लेकर तेज हुई चर्चाएँ, जानें पूरी कहानी

त्तर कोरिया से जुड़ी सत्ता राजनीति को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी (NIS) ने दावा किया है कि उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन रिटायर होने वाले हैं और उन्होंने ने एक नाबालिग लड़की को अपना वारिस चुना है। ये लड़की कोई ओर नही बल्कि उनकी बेटी किम जू ऐ है, जिसका नाम भविष्य की सुप्रीम लीडर के तौर पर आगे बढ़ा दिया गया है। यह दावा अब सिर्फ कयास नहीं, बल्कि खुफिया आकलन बताया जा रहा है। न्यूज़ एजेंसी एएफपी के अनुसार, दक्षिण कोरिया के एक सांसद ने संसद को बताया कि यह जानकारी NIS की आधिकारिक ब्रीफिंग के बाद सामने आई है। एजेंसी का कहना है कि हाल के वर्षों में सरकारी कार्यक्रमों में किम जू ऐ की लगातार बढ़ती मौजूदगी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि उन्हें उत्तराधिकारी के रूप में तैयार किया जा रहा है।

 

सार्वजनिक मंचों पर बढ़ती मौजूदगी
किम परिवार दशकों से उत्तर कोरिया पर सख्त तानाशाही नियंत्रण बनाए हुए है। देश में तथाकथित ‘पैकटू वंश’ के इर्द-गिर्द व्यक्तित्व पूजा की राजनीति गढ़ी गई है, जो आम नागरिकों की सोच और रोजमर्रा की जिंदगी को गहराई से प्रभावित करती है। किम जू ऐ को इसी विरासत की अगली कड़ी माना जा रहा है। किम जू ऐ को हाल के समय में कई अहम आयोजनों में अपने पिता के साथ देखा गया है। जनवरी में उन्हें कुमसुसान पैलेस ऑफ द सन में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिखाया गया, जहां उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल सुंग और पूर्व नेता किम जोंग इल के शव रखे गए हैं। इससे पहले वे मिसाइल लॉन्च जैसे सैन्य कार्यक्रमों में भी नजर आ चुकी हैं।

पार्टी बैठक से तय होगा भविष्य
फरवरी के अंत में उत्तर कोरिया में होने वाली वर्कर्स पार्टी की अहम बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। इसी मंच से अगले पांच वर्षों की विदेश नीति, युद्ध रणनीति और परमाणु कार्यक्रम की दिशा तय होगी। NIS ने संकेत दिया है कि यदि इस बैठक में किम जू ऐ को विशेष दर्जा मिलता है, तो उत्तराधिकार की तस्वीर और साफ हो जाएगी।

 

दूसरा सबसे ताकतवर पद मिलने की अटकलें
विशेषज्ञों का मानना है कि किम जू ऐ को सत्तारूढ़ पार्टी की सेंट्रल कमेटी की फर्स्ट सेक्रेटरी बनाया जा सकता है, जो देश का दूसरा सबसे प्रभावशाली पद है। सरकारी मीडिया पहले ही उन्हें “प्रिय संतान” और “मार्गदर्शन देने वाली महान शख्सियत” जैसे शब्दों से संबोधित करने लगा है, जो आमतौर पर उत्तराधिकारियों के लिए इस्तेमाल होते हैं। हालांकि, उत्तर कोरिया की सरकार या किम जोंग उन की ओर से अब तक इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। विश्लेषकों का कहना है कि प्योंगयांग रणनीतिक रूप से चुप्पी बनाए रखता है, ताकि अंदरूनी और बाहरी दबावों को संतुलित किया जा सके।

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