
पटना
बिहार में मौसम का मिजाज तेजी से करवट ले रहा है। पिछले दो-तीन दिनों से राज्य के अधिकांश जिलों में रात और दिन के तापमान में ठंढ और गर्मी दोनों दर्ज की गई है। आलम यह है कि जो लोग हफ्ते भर पहले तक भारी कंबल और रजाई में दुबके रहते थे, अब उन्हें इनकी जरूरत महसूस नहीं हो रही है। इस बदलाव ने लोगों के मन में सवाल पैदा कर दिया है कि क्या कड़ाके की ठंड की विदाई हो गई है या अभी रिटर्न गिफ्ट बाकी है?
मौसम विभाग के अनुसार, पटना, गया, भागलपुर और पूर्णिया समेत प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री ऊपर पहुंच गया है। पछुआ हवाओं की रफ्तार कम होने और आसमान साफ रहने के कारण धूप का असर बढ़ने लगा है। अब शाम होते ही होने वाली कनकनी काफी कम हो गई है।
आमतौर पर फरवरी के महीने में ठंड एक बार लौटकर आती है। हालांकि, इस बार के मौसमी संकेत कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। मौसम विभाग का मानना है कि वर्तमान में कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है जो मैदानी इलाकों में फिर से शीतलहर की स्थिति पैदा करे। शुष्क पछुआ हवाओं की जगह अब धीरे-धीरे नमी वाली हवाएं ले रही हैं, जिससे उमस और गर्मी का अहसास बढ़ने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि अगले एक सप्ताह तक कोई बड़ा मौसमी सिस्टम नहीं बना, तो गर्मी समय से पहले दस्तक दे सकती है।
मौसम में आए इस अचानक बदलाव का असर खेती और सेहत दोनों पर पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि यह मौसम का मिलन का समय है जिस वजह से घर के लोग सर्दी और बुखार से पीड़ित होते हैं। दिन में तेज धूप और रात में हल्की ठंड के कारण सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार के मामले बढ़ सकते हैं। वहीं, किसानों के लिए गेहूं की फसल को लेकर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि अधिक तापमान दानों के पकने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में तापमान में 1 से 2 डिग्री की और वृद्धि होने की संभावना है। सुबह के समय हल्का कुहासा जरूर दिखेगा, लेकिन दिन चढ़ते ही खिली हुई धूप लोगों को पसीने छुड़ाने लगेगी। फिलहाल, भारी शीतलहर या रिकॉर्ड तोड़ ठंड की वापसी की उम्मीद काफी कम जताई जा रही है।




