
भोपाल की किसान महाचौपाल में मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें तानाशाही रवैया अपनाने वाला बताया। उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को किसानों के खिलाफ बताते हुए सरकार पर अमेरिकी दबाव में काम करने का आरोप लगाया। वहीं, उनके बयान पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपने ही कार्यकर्ताओं से भाषण सुनने की अपील करनी पड़ रही है।
राजधानी भोपाल में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में आयोजित किसान महाचौपाल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए। वहीं, उनके बयान पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपने ही कार्यकर्ताओं से भाषण सुनने की अपील करनी पड़ रही है। खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए उन्हें हिटलर जैसा तानाशाही रवैया अपनाने वाला प्रधानमंत्री बताया। खरगे ने कहा कि वे 54 वर्षों से विधायक, सांसद रहे हैं, लेकिन उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में ऐसा प्रधानमंत्री कभी नहीं देखा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रही है और विपक्ष की आवाज दबाने का काम कर रही है।
खरगे के बयान पर भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने ट्वीट कर कहा कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को मंच से कहना पड़ रहा है अगर आप सुनेंगे तो मैं बोलूंगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब किसी दल में राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपने ही कार्यकर्ताओं से सुनने की अपील करनी पड़े, तो यह संगठन की स्थिति को दर्शाता है। भाजपा ने कांग्रेस के नेतृत्व और संगठनात्मक संतुलन पर भी सवाल उठाए।
खरगे ने व्यंग्य करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का काम सिर्फ नाम बदलना रह है। योजनाओं, सड़कों और संस्थानों के नाम बदले जा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मोदीजी खुद कांग्रेस शासनकाल में पैदा हुए, तो उन्हें अपना नाम भी बदल लेना चाहिए।




