
बांसवाड़ा हिंसा पर ओवैसी ने गंभीर चिंता जताते हुए एफआईआर और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने अल्पसंख्यक दुकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया और सरकार से मुआवजा देने को कहा। पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही सदाशिवपेट में मस्जिद तोड़ने के मामले पर भी ओवैसी ने प्रशासन की कार्रवाई पर
सवाल उठाए हैं।तेलंगाना के बांसवाड़ा में हुई हिंसा को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राज्य में बढ़ती सांप्रदायिक घटनाएं “बहुत चिंताजनक” हैं। ओवैसी ने आरोप लगाया कि बांसवाड़ा में दक्षिणपंथी भीड़ ने अल्पसंख्यक समुदाय की दुकानों और रेहड़ी-पटरी वालों को निशाना बनाया। उन्होंने इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।ओवैसी ने बताया कि उन्होंने कामारेड्डी के पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात की। उन्होंने सवाल उठाया कि कुछ ही घंटों में इतनी बड़ी भीड़ कैसे जुट गई। उनके अनुसार, कई वीडियो सामने आए हैं जिनमें कथित हमलावरों की गतिविधियां दिख रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर अपराध हुआ है तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।जानकारी के अनुसार, एक मॉल में धार्मिक गीत बजाने को लेकर दो समूहों के बीच विवाद हुआ। एक व्यक्ति ने आपत्ति जताई, जिसके बाद बहस बढ़ गई और मामला पथराव तक पहुंच गया। इस झड़प में एक पुलिस कांस्टेबल समेत कई लोग घायल हुए। पुलिस ने अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी है। प्रशासन ने कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।ओवैसी ने कहा कि जिन लोगों की दुकानों और संपत्ति को नुकसान हुआ है, उन्हें सरकार मुआवजा दे। उन्होंने बताया कि वह कामारेड्डी जिला एआईएमआईएम के महासचिव सईद खान से लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने निर्देश दिया है कि नुकसान की पूरी रिपोर्ट तैयार की जाए, खासकर उन दुकानों की जो मुस्लिम समुदाय से जुड़ी हैं। ओवैसी ने कहा कि एआईएमआईएम भी पीड़ितों को हर संभव मदद और राहत देगी।




