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अभिभाषण के दौरान सपा का विरोध, सीएम योगी बोले—लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ठेस पहुंचा रहा आचरण

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा हंगामा किये जाने की आलोचना करते हुए सोमवार को कहा कि इससे न सिर्फ प्रदेश के संवैधानिक प्रमुख का बल्कि एक नारी का भी अपमान हुआ है। उन्होंने कहा कि सपा की ओर से किया गया हंगामा न सिर्फ लोकतंत्र को कमजोर करता है बल्कि संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ी प्रमुख हस्तियों की अवमानना के दायरे में भी आता है।

सपा से सदाचार की अपेक्षा करना ‘बेवकूफी’ होगी
मुख्यमंत्री ने विधानपरिषद में अपने संबोधन में कहा कि विपक्ष से सदाचार की अपेक्षा करना ‘बेवकूफी’ होगी। योगी ने नौ फरवरी को विधानमंडल के समवेत सदन में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के अभिभाषण के दौरान मुख्य विपक्षी दल सपा के सदस्यों द्वारा किये गये हंगामे का जिक्र करते हुए कहा, ”ऐसा करके न सिर्फ प्रदेश की संवैधानिक प्रमुख का, बल्कि एक नारी का भी अपमान हुआ है। यह न केवल लोकतंत्र को कमजोर करता है बल्कि संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ी प्रमुख हस्तियों की अवमानना के दायरे में भी आता है।

राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करें यह हम सब का दायित्व है
उन्होंने कहा, ”यह हम सब का दायित्व बनता है कि हम अपने राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करें। संवैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत संवैधानिक प्रमुखों के प्रति सम्मान और आदर का भाव रखें तथा कोई ऐसा आचरण न करें जो देश की भावी पीढ़ी को गलत दिशा की ओर अग्रसर करे। खैर, जिस प्रकार का प्रतिपक्ष है, उनसे इसकी अपेक्षा करना अपने आप में एक बेवकूफी होगी।” मुख्यमंत्री ने कहा कि एक महिला राज्यपाल के प्रति इस प्रकार का अभद्र व्यवहार समाजवादी पार्टी की वास्तविक सोच और प्रतिपक्ष के नकारात्मक दृष्टिकोण को भी प्रदर्शित करता है।

उत्तर प्रदेश में बदलाव आया, देश और दुनिया भी इस बात को स्वीकारा
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन, कर्फ्यू से कानून के राज, उपद्रव से उत्सव और समस्या से समाधान, अविश्वास से आत्मविश्वास की यात्रा तय की है। उन्होंने कहा कि आज देश और दुनिया भी इस बात को स्वीकार करती है कि उत्तर प्रदेश में बदलाव आया है। योगी ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा, ”दुर्भाग्य से अपने संकुचित एजेंडा को लेकर चलने वाली सरकारों ने प्रदेश के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। पहचान का संकट खड़ा किया। प्रदेश को अराजकता, अव्यवस्था और अपराध का गढ़ बना दिया। कर्फ्यू यहां की पहचान बन गई थी। जिसको हम भारत के शाश्वत मूल्य की आधार भूमि मानते हैं, उस उत्तर प्रदेश में किस तरह की अव्यवस्था थी यह हम सब ने देखा है।”

डबल इंजन’ की सरकार की स्पष्ट नीति,
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने दावा करते हुए कहा, ”लेकिन आज मैं कह सकता हूं कि ‘डबल इंजन’ की सरकार की स्पष्ट नीति, साफ नियत, सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता के कारण आज हम लोगों ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के समक्ष बाधाओं को दूर कर उसे गति देने में सफलता प्राप्त की है और हमने राजस्व घाटे से राजस्व अधिशेष की स्थिति हासिल की है।” उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में नीतिगत उदासीनता, प्रशासनिक अस्थिरता और विकास विरोधी सोच थी, उसे आज प्रदेश ने अनुशासन, निर्णायक नेतृत्व, स्पष्ट नीति और शुद्ध नियत से नए रूप में प्रस्तुत करने का कार्य किया है।

2017 से पहले सत्ता के संरक्षण में पल रहे थे गुंडे
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले सत्ता के संरक्षण में पल रहे गुंडे और माफिया एक ‘समानांतर सरकार’ चला रहे थे तथा गुंडा टैक्स और अवैध वसूली उत्तर प्रदेश की नियति बन चुकी थी। योगी ने कहा कि एक जिला, एक माफिया उत्तर प्रदेश को झकझोरता था, कानून चंद हाथों की जागीर बन चुका था तथा कर्फ्यू और दंगा आम बात हो गई थी। पर्व और त्योहार आस्था नहीं आशंका के केंद्र बन जाते थे।

प्रदेश की छवि अराजकता और अस्थिरता का पर्याय बन गई थी लेकिन 2017 के बाद यही उपद्रवग्रस्त उत्तर प्रदेश आज उत्सव प्रदेश बन गया है। उन्होंने कहा कि कानून का राज ही विकास की पहली शर्त है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार ने पूरी मजबूती के साथ काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, ”उत्तर प्रदेश अब ‘फियर जोन से फेथ जोन’ में बदल गया है। अब उत्तर प्रदेश में कर्फ्यू कल्चर नहीं बल्कि जीरो टॉलरेंस कल्चर है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद से कोई भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। हम कह सकते हैं कि ना कर्फ्यू है, ना दंगा है, यूपी में सब चंगा है।

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