
उत्तराखंड के हरिद्वार से खबर है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार तीर्थयात्राओं और आयोजनों की तैयारियों में पूरी तरह जुटी हुई है। उन्होंने बताया कि 2026 की चारधाम यात्रा की योजना और तैयारी बहुत पहले ही शुरू कर दी गई है। “हमने 2025 की यात्रा के तुरंत बाद ही 2026 की यात्रा की रूपरेखा बनाई थी। इसके लिए कई बैठकें हो चुकी हैं, हितधारकों से सुझाव लिए जा रहे हैं, और सभी विभागों के साथ संवाद स्थापित किया गया है। इस बार यात्रा जल्दी शुरू की जा रही है, वह भी अप्रैल में, जब स्कूल बंद होते हैं और पर्यटकों की भारी भीड़ होती है। हमारा उद्देश्य है कि तीर्थयात्रियों को सुरक्षित, सुखद और सुविधाजनक अनुभव मिले।”
उन्होंने यह भी कहा कि आज कुंभ मेले के लिए एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई, जिसमें लगभग ढाई सौ करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई है। उन्होंने सभी विभागों से कहा कि वे समय पर कार्य पूरा करें और कुंभ के आयोजन को सुव्यवस्थित बनाने के लिए समन्वय से काम करें। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से उत्तराखंड का धार्मिक और पर्यटन क्षेत्र मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कुंभ और चारधाम यात्रा दोनों ही आयोजन राज्य के विकास और धार्मिक पर्यटन के लिहाज से बड़े अवसर हैं। इसलिए, सभी विभागों को मिलकर काम करना है, ताकि ये आयोजन सफल और यादगार बनें। सरकार का लक्ष्य है कि यह आयोजन न केवल श्रद्धालुजनों के लिए सुखद हो, बल्कि उत्तराखंड की छवि भी विश्वभर में मजबूत हो।
यह कदम आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है, जिसमें सरकार स्थानीय हितधारकों, श्रमिकों और पर्यटकों के हितों का पूरा ध्यान रख रही है।




