
कोलकाता
पश्चिम बंगाल में राजनीति एक बार फिर उसी जगह पर आ गई है, जहां से कभी ममता बनर्जी की राजनीति का उदय हुआ था और अब भाजपा भी वहीं पर संभावनाएं तलाश रही है। दरअसल वह जगह है हुगली जिले का सिंगूर क्षेत्र, जहां कभी टाटा नैनो की फैक्ट्री हुआ करती थी। अब भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 18 जनवरी को होने वाली रैली के लिए इसी जगह को चुना है। माना जा रहा है कि इसके जरिए भाजपा बंगाल के औद्योगिक विकास की रेस में पिछड़ने और छूटे हुए आर्थिक अवसरों को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है।
भाजपा नेताओं का मानना है कि सिंगूर में रैली आयोजित करने से एक प्रतीकात्मक संदेश लोगों के बीच जाएगा कि टाटा नैनो प्रोजेक्ट के जाने के बाद से बंगाल में कोई नई इंडस्ट्री नहीं आई है।
आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा औद्योगिक विकास के मुद्दे पर ममता बनर्जी सरकार को घेरने की कोशिश कर सकती है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि अगर भाजपा राज्य की सत्ता में आई तो औद्योगिक विकास पर फोकस किया जाएगा।
‘राज्य की प्रतिभा के जबरन पलायन को रोकना जरूरी’
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सिंगूर की नैनो साइट को औद्योगिक भूमि में बदल दिया गया था, जिस वजह से वहां अब लगभग न के बराबर कृषि गतिविधि है। इसलिए भारी उद्योगों को आकर्षित करने के लिए हमें एक व्यापक भूमि नीति की आवश्यकता है। इससे राज्य की प्रतिभा और कार्यबल के जबरन पलायन रोका जा सकता है




