यूपीराजनीति

सीएम योगी का बड़ा संदेश: यूपी के कुछ विधायकों की उम्मीदवारी पर संकट, जल्द हो सकता है फैसला

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में जिन विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम कमजोर है, वहां के विधायकों की टिकट पर खतरा बढ़ गया है। भाजपा नेतृत्व ने साफ कह दिया है कि जनप्रतिनिधि या तो चुनाव लड़ने की अपनी मंशा स्पष्ट करें या फिर SIR के काम में पूरी ईमानदारी से जुट जाएं। इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

‘मतदाता सूची सुधारने के अभियान में लगेंगे सभी नेता’
यह सख्त संदेश रविवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुई भाजपा की प्रदेश स्तरीय अहम बैठक में दिया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने की। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) तरुण चुघ और दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक मौजूद रहे। बैठक में तय किया गया कि अगले पांच दिनों तक पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता अपने बाकी काम छोड़कर सिर्फ वोट बढ़ाने और मतदाता सूची सुधारने के अभियान में लगेंगे।

मुख्यमंत्री की सख्त चेतावनी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कम वोटों के अंतर से हार-जीत तय होती है और SIR में की गई लापरवाही सीधे चुनाव परिणाम को प्रभावित करती है। उन्होंने उन विधानसभा क्षेत्रों की जानकारी भी दी, जहां यह काम उम्मीद से कम हुआ है। इसमें लखनऊ जिला भी शामिल है। सीएम ने निर्देश दिए कि हर बूथ पर टेबल लगाई जाए, वोटर लिस्ट पहुंचाई जाए और असली व फर्जी वोटरों की ठीक से जांच की जाए।

फर्जी वोटरों पर जोरदार कार्रवाई
बैठक में फर्जी वोटरों को हटाने पर खास जोर दिया गया। बताया गया कि कई जगह एक ही घर में 50 से 80 वोट दर्ज हैं। ऐसे फर्जी नामों को हटाना जरूरी है। कार्यकर्ताओं को सरल ऐप के जरिए संदिग्ध वोटरों की पहचान करने और फॉर्म-7 से आपत्ति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। नए वोटरों को जोड़ने के लिए फॉर्म-6 भरने पर भी जोर दिया गया। 26 दिसंबर के बाद मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी होगा। इसकी कई प्रतियां निकालकर हर बूथ तक पहुंचाने और गहन जांच कर दावा-आपत्ति दाखिल करने के निर्देश दिए गए।

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