Uncategorized

ऑस्ट्रेलिया हमले पर पाकिस्तानी सिंधी नेता की खुली चुनौती, कहा– पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम जरूरी

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर यहूदी त्योहार के दौरान हुए भीषण आतंकी हमले के बाद जेय सिंध मुत्तहिदा महाज़ (JSMM) के अध्यक्ष और प्रमुख सिंधी नेता शफी बुरफत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े अंतर्राष्ट्रीय कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने वैश्विक समुदाय से अपील की कि पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाए और जरूरत पड़े तो उसे अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) के कटघरे में लाया जाए। बुरफत ने यह बयान उस आतंकी हमले के बाद दिया, जिसे ऑस्ट्रेलियाई जांच एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तानी मूल के पिता-पुत्र ने अंजाम दिया।

 

यह हमला सिडनी के बॉन्डी बीच पर आयोजित ‘चानुका बाय द सी’ कार्यक्रम के दौरान हुआ, जो यहूदी पर्व के पहले दिन के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।जांच एजेंसियों के मुताबिक, 50 वर्षीय साजिद अकरम और उसका 24 वर्षीय बेटा नवीद अकरम कार्यक्रम के दौरान गोलीबारी करने लगे। इस हमले में 16 लोगों की मौत हो गई, जिनमें हमलावर साजिद भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, सबसे कम उम्र की पीड़िता 10 वर्षीय बच्ची थी, जिसने बाद में बच्चों के अस्पताल में दम तोड़ दिया, जबकि सबसे उम्रदराज मृतक की आयु 87 वर्ष बताई गई है।

हमले की कड़ी निंदा करते हुए शफी बुरफत ने कहा, “यह बर्बर कृत्य मानवता के खिलाफ अपराध और निर्दोष जीवन के विरुद्ध एक गंभीर नैतिक पाप है। यह हमला कोई अलग-थलग घटना नहीं है, बल्कि एक गहरी और खतरनाक वैश्विक साजिश का हिस्सा है, जो अंतरराष्ट्रीय शांति, मानव सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द को खतरे में डालती है।” बुरफत ने दावा किया कि इस आतंकी हमले में वही कट्टरपंथी मानसिकता और वैचारिक ढांचा दिखाई देता है, जिसे पाकिस्तान दशकों से पालता, संरक्षित करता और निर्यात करता रहा है। उन्होंने कहा कि जब से पाकिस्तान ने धार्मिक उग्रवाद और आतंकी संगठनों को एक राज्य नीति के रूप में अपनाया है, तब से इसके दुष्परिणाम दुनिया के सामने आते रहे हैं।

 

उन्होंने यह भी कहा कि केवल आतंकवाद की निंदा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन देशों के खिलाफ ठोस कार्रवाई जरूरी है, जो चरमपंथी नेटवर्क को संरक्षण, समर्थन और सुरक्षा प्रदान करते हैं। बुरफत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान को मिलने वाले सैन्य, राजनीतिक, कूटनीतिक और गुप्त वित्तीय समर्थन को तत्काल समाप्त करने की मांग की। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अपने भीतर गैर-पंजाबी राष्ट्रों का दमन करता है और बाहर की दुनिया में अस्थिरता, कट्टरता और आतंक फैलाता है। उन्होंने सिडनी हमले की स्वतंत्र और निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग करते हुए कहा कि ऐसी जांच अंततः इसके वैचारिक और मनोवैज्ञानिक सूत्र पाकिस्तान और उसकी सैन्य व्यवस्था तक पहुंचाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!