रामलीला में भरत मिलाप का मंचन देख दर्शक हुए भाव विभोर,जय श्रीराम के नारों से गूंजा पंडाल
✍️आर.एस.तिवारी
उन्नाव/पुरवा असोहा क्षेत्र के उतरौरा गांव में युवक सांस्कृतिक संस्थान के तत्वावधान में रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार को कलाकारों द्वारा भरत मिलाप की लीला का मंचन किया गया कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
जब श्रीराम माता कैकई की आज्ञा से वन को चले गए। तब उनके वियोग में पिता दशरथ ने अपने प्राण त्याग दिए। जब उनके निधन की सूचना ननिहाल में रह रहे भरत शत्रुघ्न को मिली तब भी तुरंत अयोध्या वापस आए भरत ने माता कैकई को बहुत बुरा भला कहा और गुरुदेव से प्रार्थना की कि वह अपने भाई राम को बुलाने वन में जाएंगे l गुरुदेव की आज्ञा लेकर तीनों माता के साथ भरत शत्रुघ्न गुरुदेव अयोध्या वासी श्री राम से मिलने बन को रवाना हो गए।
जहां चित्रकूट में उनकी भगवान राम से भेंट हुई, लेकिन राम ने अयोध्या का राज स्वीकार करने से मना कर दिया और अपनी चरण पादुका देकर भारत को आज्ञा दी की अयोध्या के सिंहासन की रक्षा करें। यह सारा दृश्य देखकर दर्शक भाव विभोर हो गए और जय श्री राम के नारों से पंडाल गूंज उठा l इस अवसर पर नगर पंचायत मोहनलालगंज के चेयरमैन प्रतिनिधि अजय पांडेय “सत्यम” ने अपने संबोधन में कहा कि रामलीलाएं हमारी संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक हैं,जो समाज को आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं। इस दौरान युवक सांस्कृतिक संस्थान द्वारा अतिथियों को सम्मानित किया गया।




