बेखौफ लकड़ी माफिया ने चलाया आम, जामुन व महुआ के हरे भरे पेड़ों पर आरा,प्रशासन को नहीं लगी भनक
मोहनलालगंज/ सूबे की सरकार भले ही पर्यावरण संरक्षण को बनाये रखने के लिए प्रति वर्ष करोड़ों की संख्या में पौधें लगवाकर एवं हरे पेड़ों का कटान बन्द कराकर पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने का कार्य कर रही हो लेकिन उनकी ही सरकार में पुलिस विभाग के अधिकारियों से लेकर वन विभाग के अधिकारी सरकारी की मंशा पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं। थाना मोहनलालगंज क्षेत्र स्थानीय जिम्मेदार अपनी खाऊ कमाऊ आदत्त के चलते लकड़ी कटान माफियाओं से अच्छी खासी रकम लेकर हरे भरे व फलदार पेड़ों पर आये दिन आरा चलवा रहें हैं।
जो योगी आदित्यनाथ की सरकार के मंसूबों पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं।
मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के सुल्सामऊ के मजरा मीनापुर गांव में लकड़ी माफिया राजेंद्र पुत्र अज्ञात निवासी पश्चिम गांव मजरा जबरेला थाना असोहा जनपद उन्नाव ने बीते दो दिनों में आम,जामुन व महुआ के कई पेड़ काट डाले जिसमें आश्चर्य की बात यह है कि वन विभाग और पुलिस प्रशासन को भनक तक नहीं लगी।
लकड़ी माफिया द्वारा हरे पेड़ों पर आरा चलाने की घटनाओं की कई खबरें क्षेत्र से आ रही हैं, जहाँ अवैध कटाई को अंजाम दिया जा रहा है। ये माफिया वन विभाग और पुलिस की मिलीभगत से या उनकी उदासीनता के कारण बेखौफ होकर हरियाली नष्ट कर रहे हैं। लोग प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन अक्सर माफिया मौके से भाग जाते हैं या वन विभाग तक सूचना पहुँचने में देरी हो जाती है।
यह एक गंभीर समस्या है जो पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँचा रही है, खासकर उस समय जब सरकार वृक्षारोपण अभियान पर भारी रकम खर्च कर रही है। लकड़ी माफियाओं की बढ़ती गतिविधियों और अधिकारियों की सुस्ती के कारण हरियाली खतरे में है।
हालाकि पर्यावरण संरक्षण को लेकर समय-समय पर शासन-प्रशासन पौधारोपण अभियान जरूर चलाता है, लेकिन पर्यावरण को बचाने के लिए कार्रवाई नहीं करता। यही वजह है कि सप्ताह भर में लकड़ी माफिया ने हरे-भरे आम के पेड़ों पर आरा चला कर उन्हें धराशायी कर दिया। इतना ही नहीं लकड़ी माफिया इन पेड़ों की सारी लकड़ी भी बटोर ले गया।
वन कर्मियों ने इस ओर ध्यान देने की जहमत नहीं उठाई।
थाना क्षेत्र के कई गांवों में लकड़ी ठेकेदार चंद रुपयों की खतिर हरे-भरे पेडों का कटान बेखौफ होकर कराते हैं। लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्राली हाइवे पर फर्राटे भरते हुए थाना पुलिस के सामने से गुजरती चली जाती हैं लेकिन न ही वन विभाग का कोई अधिकारी और न ही थाना पुलिस इन कटान माफियाओं पर हाथ डालने की कोशिश करती है। इसके चलते यह कटान मफिया बेखौफ होकर हरे-भरे पेड़ों का कटान कर डालते हैं।




