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राहुल गांधी की मतदाता अधिकार यात्रा पर भाजपा का तंज, कहा- यह झूठ की बुनियाद पर कहानी गढ़ने की कोशिश

राहुल गांधी ने रविवार को बिहार के सासाराम से मतदाता अधिकार यात्रा की शुरुआत की। यात्रा बिहार में 16 दिनों तक चलेगी और करीब 1,300 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इस यात्रा को लेकर भाजपा ने राहुल गांधी पर तंज कसा है। बिहार के सासाराम से शुरू हुई राहुल गांधी की मतदाता अधिकार यात्रा पर भाजपा ने तंज कसा है। भाजपा नेता सीआर केसवन ने इसे संविधान बदनाम यात्रा करार दिया। वहीं भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि राहुल गांधी झूठ की नींव कहानी गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा बिहार भाजपा के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने यात्रा को पंक्चर टायर कहा। राहुल गांधी और कांग्रेस की मतदाता अधिकार यात्रा बिहार में 16 दिनों तक चलेगी और करीब 1,300 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।भाजपा नेता सीआर केसवन ने राहुल गांधी पर अलोकतांत्रिक और छलपूर्ण तरीके से भय फैलाने की रणनीति के तहत संविधान खत्म करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसकी सहयोगी राजद एक व्यक्ति, एक वोट की रक्षा की बात करते हैं, लेकिन उनका असली एजेंडा एक परिवार और एक वंशवादी शासन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की यात्रा कुछ और नहीं बल्कि संविधान बदनाम यात्रा है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जी के संविधान को अलोकतांत्रिक और छलपूर्ण तरीके से डराने-धमकाने की राहुल गांधी की जानबूझकर और बार-बार की गई कोशिशें बुरी तरह विफल होंगी। जब हमारे संविधान को बदनाम करने की बात आती है तो राहुल गांधी हमेशा से ही सनकी और अपमानजनक रहे हैं। इस यात्रा का असली कारण कांग्रेस और राजद की विफलता का डर है।वहीं भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि राहुल गांधी जो कहानी गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, वह झूठ की बुनियाद पर खड़ी है। इस लिहाज से बिहार की जनता जानती है कि यह मुख्य रूप से राज्य में कांग्रेस की खोई ज़मीन वापस पाने की यात्रा है। यह एक ऐसी यात्रा है जिसके बारे में हर एक व्यक्ति जानता है। यह यात्रा राजनीतिक फ़ायदे के लिए की जा रही है। इसका जनता से कोई सरोकार नहीं है।बिहार भाजपा के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की मतदाता अधिकार यात्रा का टायर पहले ही पंक्चर हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट खुद इसकी निगरानी कर रहा है। भारत की जनता उन लोगों के साथ नहीं खड़ी है जिन्हें सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा नहीं है। जो लोग सांविधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं करते। बिहार की जनता जानती है कि चुनाव आयोग उन्हें कैसे न्याय देगा।

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