दिल्ली NCR

दिल्ली कांग्रेस ने लगाया आरोप; दिल्ली में कम हो रही डीटीसी बसें, यात्रियों को हो रही भारी असुविधा

दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सत्ता में आने से पहले भाजपा महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा करने का वादा करती थी, लेकिन लोगों को फ्री बस यात्रा देने की बजाय बसों की संख्या में लगातार कमी की जा रही है।दिल्ली कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि दिल्ली में डीटीसी बसों की संख्या में भारी कमी हो गई है। बसों की कमी के चलते यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में भारी असुविधा हो रही है। आरोप है कि दिल्ली में नई सरकार आने के बाद दिल्ली की सड़कों से लगभग 2200 बसें हटाई गई हैं, जबकि इस दौरान रेखा गुप्ता सरकार ने अपने लगभग सात महीने के कार्यकाल में 785 नई बसों को शामिल किया है। दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सत्ता में आने से पहले भाजपा महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा करने का वादा करती थी। लेकिन लोगों को फ्री बस यात्रा देने की बजाय बसों की संख्या में लगातार कमी की जा रही है। इससे सीधे तौर पर लोग निजी वाहनों के उपयोग के लिए बाध्य होंगे। इससे दिल्ली का प्रदूषण बढ़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली के कुल वायु प्रदूषण में राजधानी के स्थानीय निजी वाहनों की बड़ी हिस्सेदारी है। दिल्ली के बाहर से आने वाले निजी वाहन भी प्रदूषण की समस्या को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने से पहले भी राजधानी में बसों की संख्या काफी कम थी। लेकिन नई सरकार आने के बाद भी बसों की संख्या में लगातार कमी हो रही है। दिल्ली सरकार ने राजधानी में बसों को पूरी तरह इलेक्ट्रिक तकनीकी आधारित बसों में तब्दील करने की बात कही है। लेकिन आरोप है कि इसे सड़कों पर उतारने में बहुत अधिक समय लगेगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि दिल्ली मेट्रो के किराए में भी बढ़ोतरी की गई है। इससे भी मेट्रो के कुछ यात्री बसों की ओर रुख कर सकते हैं, लेकिन बसों की कमी के कारण उन्हें बसें भी नहीं मिलेंगी। इससे हर तरफ से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। देवेंद्र यादव ने कहा कि इससे पहले अरविंद केजरीवाल सरकार के समय भी दिल्ली मेट्रो के किराए में 91 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी की गई थी। उस समय दिल्ली के कुल यात्रियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा कि जनता से बातचीत करने के बिना किराया बढ़ाने से एक बार फिर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

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