सिसेंडी में कृषक-वैज्ञानिक चौपाल का आयोजन ,किसानों को तकनीकी और जैविक खेती के प्रति किया जागरूक
✍️ आर.एस.तिवारी

लखनऊ: किसानों को परंपरागत खेती से हटकर तकनीकी और जैविक खेती की ओर लाने के लिए लगातार कृषि वैज्ञानिकों द्वारा जागरूकता अभियान चलाने के साथ ही कृषक वैज्ञानिक चौपाल लगाया जा रहा है।
इसी क्रम में केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान भोपाल से डॉ. के. एन. अग्रवाल (प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर, फार्म मशीनरी एंड इम्प्लीमेंट्स) तथा भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ से डॉ. एम. के. सिंह (प्रधान वैज्ञानिक), डॉ. दिलीप कुमार (प्रधान वैज्ञानिक) एवं डॉ. राजेश मोदी (वैज्ञानिक) भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ से आकार मोहनलाल ब्लॉक के सिसेंडी गाँव का दौरा किया।और चौपाल लगाकर नई तकनीक व जैविक खेती के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर लगभग 50 किसानों ने सहभागिता की।
वैज्ञानिकों ने किसानों के साथ कृषि यंत्रीकरण की वर्तमान स्थिति और उपलब्ध तकनीकों पर चर्चा की। किसानों को मल्टीक्रॉप थ्रेशर, पावर वीडर, धान ट्रांसप्लांटर, पावर स्प्रेयर आदि आधुनिक यंत्रों के लाभ बताए गए। साथ ही ड्रोन तकनीक की जानकारी दी गई, जो खेतों में कीटनाशकों और पोषक तत्वों के छिड़काव में उपयोगी है। “ड्रोन दीदी” योजना के तहत महिलाओं को ड्रोन प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने की पहल पर भी चर्चा की गई।
किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए पैडी ट्रांसप्लांटर, सीड ड्रिल और रीपर बाइंडर जैसे यंत्रों की आवश्यकता जताई। वैज्ञानिकों ने भरोसा दिलाया कि उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त मशीनों का डिज़ाइन और विकास किया जाएगा, जिससे खेती अधिक लाभकारी और आसान बन सके।
किसानों ने बताया कि ग्राम सिसेंडी में ऐसा कार्यक्रम पहली बार हुआ है और अब हम लोग धान गेहूं जैसी परंपरागत खेती को छोड़कर अन्य फसलों की ओर बढ़ेंगे। लहसुन, प्याज, दलहन, तिलहन जैसी फसलों पर ध्यान देंगे। किसानों ने बताया कि जानकारी के अभाव में वे तकनीकी खेती की तरफ अपना रुझान नहीं बना पा रहे थे और परंपरागत खेती पर निर्भर थे।
इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रधान प्रतिनिधि राकेश जायसवाल,सुरेश सिंह, निरंकार सिंह, दिलीप सिंह, सोनू द्विवेदी व काफी संख्या में क्षेत्रीय के किसान मौजूद रहे l



