बिहार

‘नीतीश सरकार के फ्लोर टेस्ट के समय तेजस्वी के करीबी ने मांगे थे पैसे’, RJD विधायक ने किया बड़ा दावा

राजद विधायक विभा देवी ने बताया कि लोकसभा चुनाव से पहले लालू प्रसाद के प्रयास से उनके पति को दो बार पैरोल मिली थी। एक बार रात नौ बजे लालू प्रसाद से मुलाकात हुई थी। उस समय वह, उनके भांजे मनोज कुमार और तेजस्वी यादव भी मौजूद थे।पूर्व मंत्री राजबल्लभ यादव की पत्नी और नवादा सदर से राष्ट्रीय जनता दल की विधायक विभा देवी ने विधानसभा चुनाव से पहले अपनी ही पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए, जिसकी चर्चा राजनीतिक गलियारे में खूब हो रही है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी और उनके कुछ करीबी नेताओं द्वारा उनके और उनके परिवार पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उनके सम्मानित परिवार की छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है। विभा देवी ने कहा कि वह राजनीति में अपना सम्मान बेचकर नहीं आई हैं। उन्होंने कभी घूस नहीं ली और न ही भ्रष्टाचार किया। विभा देवी ने आरोप लगाया कि जब सरकार बनाने-बिगाड़ने का खेल चल रहा था, तब तेजस्वी के साथ रहने वाले उनके कुछ करीबी नेताओं ने उनसे भारी धनराशि की मांग की थी। वह यह रकम नहीं दे सकीं। इसके बावजूद उन्होंने और विधायक प्रकाश वीर ने पार्टी नहीं छोड़ी। जबकि कई नेताओं ने उन्हें पाला बदलने का प्रलोभन दिया था। उन्होंने कहा कि यही उनकी गलती थी कि वह तेजस्वी को गलत काम के लिए पैसा नहीं दे सकीं।
लालू प्रसाद के प्रयास से पति को दो बार पैरोल मिला था
विधायक ने कहा कि उनके पति राजबल्लभ प्रसाद वर्षों से जेल में हैं। उनके पास करोड़ों रुपये का इंतजाम करने का कोई जरिया नहीं था। फिर भी उन्होंने और प्रकाश वीर ने धर्म और कर्तव्य निभाते हुए तेजस्वी के साथ खड़े रहना चुना। विभा देवी ने एक पुरानी मुलाकात का जिक्र किया।
अच्छे नेता बनने के लिए पांच गुण जरूरी होते हैं
इस दौरान तेजस्वी ने लोकसभा चुनाव की चर्चा शुरू की थी। तब राजबल्लभ प्रसाद ने साफ कहा था कि उनका परिवार अब राजनीति में सक्रिय नहीं रहेगा। उन्होंने यह भी कहा था कि वह जेल में हैं, सजायाफ्ता हैं और उन्हें वोट देने का भी अधिकार नहीं है। राजबल्लभ प्रसाद ने लालू प्रसाद से कहा था कि अच्छे नेता बनने के लिए पांच गुण जरूरी होते हैं- झूठ बोलना, जनता को ठगना, भाई-भाई में लड़ाई कराना, घूस लेना और बड़े नेताओं की खुशामद करना। उन्होंने कहा कि इनमें से कोई गुण उनमें नहीं है। इसलिए वह राजनीति से दूर रहना चाहते हैं।’अगले पांच साल में एक करोड़ युवाओं को नौकरी-रोजगार देने का लक्ष्य’, चुनाव से पहले सीएम नीतीश का एलान
तेजस्वी ने फोन कर पूछा था कि किसे उम्मीदवार बनाना है
विधायक विभा देवी ने कहा कि तेजस्वी ने तब पूछा था कि नवादा लोकसभा सीट कैसे जीती जाएगी, क्योंकि इस बार वन टू वन फाइट है। इस पर राजबल्लभ प्रसाद ने कहा था कि ऐसा उम्मीदवार भेजिए जो इन पांचों गुणों में थोड़ा कम हो। ऐसे उम्मीदवार को वह पूरा समर्थन देंगे। विभा देवी ने पूछा कि क्या विनोद यादव राजबल्लभ प्रसाद के उम्मीदवार थे? उन्होंने कहा कि विनोद यादव वास्तव में तेजस्वी और लालू प्रसाद के उम्मीदवार थे। जब उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब तेजस्वी ने फोन कर पूछा था कि किसे उम्मीदवार बनाना है। तब राजबल्लभ प्रसाद ने साफ कहा था कि उनका कोई उम्मीदवार नहीं है।
विनोद यादव का टिकट किस आधार पर काटा गया
तेजस्वी ने तब कहा था कि विनोद यादव दो साल से क्षेत्र में सक्रिय हैं। ऐसे में क्या वे उनका विरोध करते? आखिरी समय में विनोद यादव का टिकट किस आधार पर काटा गया, यह सब जानते हैं। हजारों लोग उस समय तेजस्वी के आवास पर मौजूद थे। नवादा के लोगों ने देखा कि सरवन कुशवाहा ट्रॉली बैग में कौन सा दस्तावेज लेकर गए थे। विभा देवी ने कहा कि उन्होंने, उनके जेठ कृष्णा प्रसाद, स्व. जेहल प्रसाद या जेल में बंद राजबल्लभ प्रसाद ने कभी वोट का सौदा नहीं किया। यह नवादा है, राघोपुर नहीं, जहां एक दिन में करोड़ों रुपये बांटे जाते हैं। उन्होंने कहा कि नवादा के सैकड़ों परिवारों से उनका नाता है। उन्हें हर बात की जानकारी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!